जैसलमेर में भारत-पाक अंतरराष्ट्रीय सीमा से करीब 20 किलोमीटर दूर घोटारू क्षेत्र में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सरकारी जमीन पर बने एक धार्मिक स्थल को ध्वस्त कर दिया। 'ऑपरेशन क्लीन' के तहत की गई इस कार्रवाई में करीब 2 बीघा जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया गया। प्रशासन का कहना है कि यह भूमि पोंग डैम विस्थापितों के लिए आवंटित थी। हाईकोर्ट से याचिकाएं खारिज होने के बाद हुई कार्रवाई प्रशासन के अनुसार घोटारू क्षेत्र के खारकी स्थित हिंगोले की ढाणी में सरकारी जमीन पर बाउंड्री वॉल बनाकर धार्मिक स्थल विकसित कर लिया गया था। मामले को लेकर उच्च न्यायालय में याचिकाएं दायर की गई थीं, लेकिन सभी याचिकाएं खारिज होने के बाद प्रशासन ने कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी। प्रशासनिक टीम बुलडोजर लेकर पहुंची बुधवार शाम एसडीएम, तहसीलदार और पटवारी की मौजूदगी में प्रशासनिक टीम बुलडोजर के साथ मौके पर पहुंची। कार्रवाई के दौरान करीब 2 बीघा जमीन पर बने हॉल, बाथरूम और अन्य निर्माण को हटाकर जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया गया। सीमा क्षेत्र होने से सुरक्षा के रहे विशेष इंतजाम कार्रवाई के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात किया गया। रामगढ़, तनोट, शाहगढ़ थाना पुलिस के साथ पुलिस लाइन का जाब्ता भी मौके पर मौजूद रहा। प्रशासन का कहना है कि यह क्षेत्र अंतरराष्ट्रीय सीमा के 50 किलोमीटर दायरे में आता है, इसलिए सुरक्षा एजेंसियां पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए थीं। सरकारी जमीन पर अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सरकारी और प्रतिबंधित जमीनों पर किसी भी प्रकार का अवैध निर्माण स्वीकार नहीं किया जाएगा। अधिकारियों ने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों में अवैध कब्जों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।