जैसलमेर से गुजरात नलिया (कच्छ) में भेजे गए अंडे से निकला गोडावण चूजा (बच्चा) गायब हो गया। 50 से ज्यादा गार्ड उसकी सुरक्षा में तैनात थे। यहां तक कि उस इलाके में जाने वाले रास्ते को भी रोक दिया था। हालांकि गोडावण के बच्चे के गायब होने की अधिकारी अभी तक पुष्टि नहीं कर रहे हैं। दरअसल, गुजरात के कच्छ में केवल तीन मादा गोडावण है। ऐसे में प्राकृतिक प्रजनन पूरी तरह रुक चुका था। इस प्रजाति को बचाने के लिए वैज्ञानिकों ने जैसलमेर के सम स्थित गोडावण ब्रीडिंग सेंटर से एक 'फर्टाइल' अंडा चुना। इस अंडे को एक विशेष उपकरण (पोर्टेबल इनक्यूबेटर) में रखकर जैसलमेर के प्रजनन केंद्र से 21 मार्च 2026 को करीब 770 किलोमीटर दूर गुजरात के नलिया (कच्छ) ले जाया गया। यह सफर करीब 19 घंटे बिना रुके तय किया गया। वहां, मादा गोडावण के घोंसले में जैसलमेर से लाया गया अंडा रख गया। इसे 'सेरोगेसी' या 'जंपस्टार्ट' तकनीक कहा जाता है। 26 मार्च 2026 को जब इस अंडे से चूजा बाहर आया, तो इसे संरक्षण की सबसे बड़ी जीत माना गया था। पहले देखिए- अंडे से निकले गोडावण के चूजे की तस्वीरें… 24 घंटे निगरानी के बाद भी हुआ गायब इस चूजे के जन्म के बाद गुजरात सरकार और वन विभाग ने इसे अपनी सबसे बड़ी प्राथमिकता बना लिया था। घोंसले के चारों ओर 24 घंटे निगरानी के लिए 50 गार्ड तैनात किए गए थे। उस इलाके की ओर जाने वाली सड़कों को सील कर दिया गया था और वॉच टावरों से दूरबीन के जरिए नजर रखी जा रही थी। हालांकि 18 अप्रैल के बाद से इस बच्चे को मादा गोडावण (जो GPS टैग से लैस है) के साथ नहीं देखा गया। वन विभाग के सूत्रों का कहना है कि सुरक्षा घेरे में कुछ जगह खाली रह गई थी। आशंका जताई जा रही है कि इन्हीं रास्तों से कोई कुत्ता, सियार या जंगली बिल्ली अंदर घुसी और 26 दिन के इस गोडावण को अपना शिकार बना लिया। अभी तक बच्चे का कोई अवशेष नहीं मिला है, लेकिन इतने दिनों तक गायब रहने के बाद उसके जिंदा होने की उम्मीद कम है। क्या बोले एक्सपर्ट गोडावण संरक्षण के लिए काम कर रहे वाइल्ड लाइफ बायोलॉजिस्ट सुमित डूकिया ने बताया- हमने कच्छ के लोकल बायोलॉजिस्ट से कन्फर्म किया है कि गोडावण का चूजा मिसिंग है। जैसलमेर में हमने देखा है कि चूजों की मृत्यु दर ज्यादा होती है, जबकि बड़े गोडावण की कम। इतनी सुरक्षा के बाद भी अगर बच्चा गायब होता है तो इसकी जांच होनी चाहिए। विशेषज्ञ बोले- गोडावण को बचाना जरूरी गोडावण राजस्थान का राज्य पक्षी है और इनकी संख्या 150 से भी कम रह गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि हाईटेंशन लाइनों, शिकारियों से इनको बचाने के लिए कदम उठाना जरूरी है। …. ये खबर भी पढ़ें… राजस्थान से गुजरात भेजे अंडे से निकला गोडावण:कच्छ में 10 साल बाद खुशी की चहक; केंद्रीय मंत्री बोले- यह क्रांतिकारी कदम लगभग लुप्त हो चुके गोडावण पक्षी को बचाने की मुहिम रंग ला रही है। जैसलमेर के प्रजनन केंद्र से गुजरात भेजे गए अंडे से शनिवार (28 मार्च) को चूजा निकला। इस तरह गुजरात में 10 साल बाद गोडावण की किलकारी गूंजी है। केंद्रीय पर्यवारण मंत्री भूपेंद्र यादव ने एक्स पर तस्वीर शेयर करते हुए लिखा- लुप्त प्रजाति के उद्धार में यह क्रांतिकारी कदम है। पूरी खबर पढ़ें…