जैसलमेर जिले के खाद, बीज और कीटनाशक व्यापारियों ने सोमवार को दुकानें बंद रखीं। जैसलमेर एग्रीकल्चर इनपुट्स डीलर्स एसोसिएशन के बैनर तले जिलेभर के व्यापारियों ने एक दिन की सांकेतिक हड़ताल रखी। व्यापारियों का कहना है कि नए बीज अधिनियम और पेस्टिसाइड बिल 2025 में रिटेल डीलर्स के लिए बहुत कड़े नियम हैं। जिन्हें आसान बनाने की जरूरत है। अपनी मांगों को लेकर व्यापारियों ने जिला कलेक्टर को प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। व्यापारियों ने चेतावनी दी कि एक महीने में समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो खरीफ सीजन से पहले अनिश्चितकालीन हड़ताल करेंगे। व्यापारियों की मुख्य मांगें और परेशानी एसोसिएशन के अध्यक्ष हिम्मताराम चौधरी और सचिव राजेंद्र पुरोहित ने बताया- व्यापारी कई साल से समस्याओं से जूझ रहा है। खाद बनाने वाली कंपनियां सब्सिडी वाले खाद के साथ बिना काम के दूसरे प्रोडक्ट्स जबरदस्ती चिपका रही हैं। इसे पूरी तरह बंद किया जाए। अभी खाद की डिलीवरी रेलवे स्टेशन (रेल हेड) पर मिलती है। इससे व्यापारियों पर 40 से 50 रुपए प्रति बैग का एक्स्ट्रा बोझ पड़ता है। कंपनियों को दुकान तक माल पहुंचाना चाहिए। महंगाई को देखते हुए खाद पर डीलर का कमीशन बढ़ाकर कम से कम 8% किया जाए। अगर सीलबंद पैकेट का सैंपल फेल होता है तो दुकानदार को नहीं बल्कि कंपनी को जिम्मेदार माना जाए। दुकानदार को केवल 'साक्षी' माना जाए। सख्त कानूनों का विरोध व्यापारियों ने कहा- नए बीज अधिनियम और पेस्टिसाइड बिल 2025 में रिटेल डीलर्स के लिए बहुत कड़े नियम रखे गए हैं। इन्हें आसान बनाया जाए। एक्सपायर्ड कीटनाशकों को वापस लेने के लिए कंपनियों को कानूनी रूप से मजबूर किया जाए। एसोसिएशन ने साफ किया है कि यदि 30 दिनों में ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो खेती के मुख्य सीजन में हड़ताल की जाएगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।