जैसलमेर जिले की लखा ग्राम पंचायत में आगोर, गोचर और कब्जे वाले भूखंडों पर कथित रूप से फर्जी पट्टे जारी कर रजिस्ट्रियां करवाने के मामले में लोगों को ज्ञापन सौंपा है। ग्रामीणों ने बुधवार को जिला परिषद के सीईओ को ज्ञापन सौंपकर जांच के लिए कमेटी गठित करने और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। नियमों के खिलाफ पट्टे जारी करने का आरोप ग्रामीणों ने ज्ञापन में आरोप लगाया कि ग्राम पंचायत लखा में आबादी भूमि पर पीढ़ियों से चली आ रही कब्जे से जुड़े मामलों में अनियमितताएं की गई हैं। आरोप है कि कुछ लोगों को फायदा पहुंचाने के लिए पंचायत स्तर पर नियमों के विपरीत पट्टे जारी किए गए। साथ ही आगोर और गोचर भूमि से जुड़े भूखंडों पर भी कथित रूप से फर्जी पट्टे जारी करवाकर रजिस्ट्री कराने का आरोप लगाया गया है। फर्जी हस्ताक्षरों और दस्तावेजों की जांच की मांग ज्ञापन में कहा गया है कि इन कथित अनियमितताओं के कारण गांव में विवाद की स्थिति पैदा हो गई है। कुछ लोगों ने निजी हितों के लिए संबंधित पक्षों की सहमति के बिना दस्तावेज तैयार करवाए। ग्रामीणों ने सरपंच, ग्राम विकास अधिकारी और सरपंच के परिजनों की भूमिका की जांच कराने की मांग की है। साथ ही कथित फर्जी हस्ताक्षरों और दस्तावेजों के आधार पर की गई कार्रवाई की भी जांच कराने की मांग उठाई है। पुराने पट्टों और रजिस्ट्रियों की जांच की मांग ज्ञापन में आगोर और गोचर भूमि से जुड़े मामलों की विशेष जांच कराने और दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग भी की गई है। ग्रामीणों का कहना है कि निष्पक्ष जांच से मामले की वास्तविक स्थिति सामने आएगी और गांव में चल रहे विवाद का समाधान हो सकेगा।