जैसलमेर जिले के पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय, मोहनगढ़ में विश्व खाद्य दिवस के अवसर पर ‘सही खान-पान, स्वस्थ राजस्थान’ अभियान के तहत एक विशेष खाद्य सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। खाद्य सुरक्षा आयुक्त अविचल चतुर्वेदी के निर्देशन और CMHO डॉ. मुरलीधर सोनी के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य स्टूडेंट्स को सुरक्षित, शुद्ध एवं पौष्टिक आहार के प्रति जागरूक करना रहा। कार्यक्रम के दौरान जिला जजों ने स्टूडेंट्स को जंक फूड, अत्यधिक तले-भुने तथा पैकेट बंद खाद्य पदार्थों के सेवन से बचने की सख्त सलाह दी। इसके साथ ही, रोजमर्रा जीवन में बाजरा, ज्वार और रागी जैसे मोटे अनाज (श्रीअन्न) और घर पर बने ताजे भोजन को प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया, जिससे एक स्वस्थ और मजबूत समाज का निर्माण किया जा सके। घर के बने ताजे खाने और मिलेट्स को बताया बेस्ट फूड कार्यक्रम के चीफ गेस्ट, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव ललित पुरोहित ने स्टूडेंट्स को एड्रेस करते हुए कहा कि आज की लाइफस्टाइल में घर पर बना फ्रेश और न्यूट्रिशियस खाना ही सबसे बेस्ट ऑप्शन है। उन्होंने जंक फूड और ऑयली स्नैक्स के नुकसान बताते हुए बाजरा, ज्वार और रागी जैसे मोटे अनाज को अपनी डाइट में शामिल करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि सही डाइट से ही एक हेल्दी लाइफस्टाइल बनाई जा सकती है। पैकेट बंद सामान खरीदते समय ध्यान रखने की दी सलाह फूड सेफ्टी ऑफिसर किशनाराम कड़वासरा ने कहा कि सेफ और न्यूट्रिशियस फूड हर नागरिक का राइट है। उन्होंने स्टूडेंट्स को जागरूक कंज्यूमर बनने के लिए गाइड किया और बताया कि कोई भी पैकेट वाला फूड प्रोडक्ट खरीदते समय उसकी मैन्युफैक्चरिंग डेट, एक्सपायरी डेट और FSSAI लाइसेंस नंबर जरूर चेक करें। अवेयरनेस से ही फूड एडल्ट्रेशन (मिलावट) को रोका जा सकता है। हाइजीन और बैलेंस्ड डाइट के बताए रूल्स फूड सेफ्टी ऑफिसर कीर्तिपाल सिंह भाटी, डॉ. गणेशा राम सुथार और स्वरूप चारण ने भी विचार व्यक्त किए। उन्होंने पर्सनल हाइजीन, सेफ फूड स्टोरेज और मिलावटी सामान के सेवन से होने वाली बीमारियों के बारे में डिटेल में जानकारी दी। उन्होंने बच्चों से अपील की कि वे इस मैसेज को अपने परिवार और सोसायटी तक पहुंचाएं। इवेंट में स्कूल के टीचर्स और स्टूडेंट्स बड़ी संख्या में मौजूद रहे। प्रोग्राम के अंत में प्रिंसिपल पवन बेनीवाल ने सभी का धन्यवाद जताया।