जैसलमेर के सोनू गांव स्थित सोनू माइंस क्षेत्र में 40 वर्षों के इतिहास में पहली बार बिना किसी हड़ताल के, आपसी संवाद और शांतिपूर्ण माहौल में लाइमस्टोन परिवहन का कार्य शुरू हो गया है। जैसलमेर ट्रक एवं डम्पर ऑपरेटर एसोसिएशन तथा PMP इन्फ्राटेक लिमिटेड के बीच वार्ता सफल रहने के बाद सहमति पत्र जारी किया गया। समझौते के तहत ऑपरेटरों को प्रत्येक महीने 1 से 17 तारीख के बीच पारिश्रमिक का भुगतान किया जाएगा। साथ ही, डीजल के दामों में होने वाले बदलाव के अनुसार RSMML के फॉर्मूले के तहत दरों में संशोधन का प्रावधान रखा गया है। एसोसिएशन अध्यक्ष वीरेंद्र सिंह रामगढ़ ने इसे एकता व सकारात्मक सोच की जीत बताते हुए प्रशासन, ठेकेदारों व वाहन मालिकों का आभार जताया है। बिना विरोध के सकारात्मक सहमति बनी सोनू माइंस से रेलवे प्लेटफॉर्म तक लाइमस्टोन की लोडिंग व ट्रांसपोर्टेशन व्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए जैसलमेर ट्रक एवं डम्पर ऑपरेटर एसोसिएशन और PMP इन्फ्राटेक लिमिटेड के प्रबंध निदेशक मुकेश पटेल के बीच सकारात्मक सहमति बनी है। सर्वसम्मति से माइंस नंबर 1 के लिए 88.21 रुपए व माइंस नंबर 2 के लिए 78.82 रुपए प्रति टन दर निर्धारित की गई है। ये दरें 23 जुलाई 2026 को प्रचलित डीजल मूल्य (99.29 रुपए) पर आधारित हैं, जो 23 जुलाई 2027 तक प्रभावी रहेंगी। 40 सालों के इतिहास में पहली बार बना ऐसा माहौल माइंस चालू होने के बाद पिछले 40 सालों में यह पहली बार हुआ है जब बिना किसी हड़ताल या विरोध के सभी पक्षों ने मिलकर शांतिपूर्ण तरीके से कार्य शुरू किया है। एसोसिएशन अध्यक्ष वीरेंद्र सिंह रामगढ़ ने कहा कि यह सफलता किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि सभी वाहन मालिकों, चालकों, श्रमिकों, ठेकेदारों और प्रशासन की एकजुटता व समझदारी का परिणाम है। सुरक्षा नियमों का पालन और स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता समझौते के अनुसार वाहनों में नए जीपीएस उपकरण लगाने व रिचार्ज का पूरा खर्च ठेकेदार वहन करेगा। चालकों व श्रमिकों के लिए छायादार विश्राम स्थल तथा पेयजल की व्यवस्था कंपनी करेगी। इसके अलावा रेलवे साइडिंग और प्लांट तक जाने वाले रास्तों की मरम्मत का जिम्मा भी PMP इन्फ्राटेक का होगा। रेलवे साइट पर कार्यरत योग्य स्थानीय युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता दी जाएगी तथा RSMML व राज्य सरकार के सभी सुरक्षा नियमों का कड़ाई से पालन किया जाएगा। डीजल आपूर्ति के लिए दो पेट्रोल पंप अधिकृत किए जाएंगे। यदि डीजल न मिलने से गाड़ियां खड़ी रहती हैं, तो उसका प्रतिदिन का तय हर्जाना कंपनी वहन करेगी।