जालोर के भक्त प्रहलाद चौक पर नगर परिषद ने एक बोर्ड लगाया है, जिसपर लिखा है कि गायों को चारा डालने पर 1000 रुपए जुर्माना लगेगा। अब इस बोर्ड को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। इस मामले में सर्व हिंदू समाज की ओर से नगर परिषद आयुक्त, सभापति और कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें समाज की ओर से बोर्ड तुरंत हटाने, चौक की भूमि की पैमाइश करवाने और अतिक्रमण मिलने पर उसे हटाने की मांग की गई है। अपनी मांग को लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे गौभक्त और हिन्दू समाज के लोगों ने कलेक्ट्रेट के सामने नारेबाजी करते हुए ज्ञापन दिया। उन्होंने बताया कि भक्त प्रह्लाद चौक जालोर शहर में गायों के चरने और आमजन की ओर से उन्हें चारा डालने का परंपरागत स्थान रहा है। अमावस्या, पूर्णिमा, श्राद्ध पक्ष और हिंदू त्योहारों पर लोग यहां गायों को चारा डालते हैं। ऐसे में इस स्थान पर चारा डालने पर रोक लगाने से धार्मिक भावनाएं आहत हो रही हैं। भूमि की पैमाइश और सीमांकन की मांग नगर परिषद ने 22 अक्टूबर 2026 को चौक में बोर्ड लगाकर चारा डालने पर रोक लगाई है। बोर्ड में चारा डालते पाए जाने पर 1000 रुपए जुर्माना वसूलने की चेतावनी दी गई है। समाज के लोगों ने आरोप लगाया कि चौक की भूमि पर पिछले सालों में कच्चे-पक्के अतिक्रमण हुए हैं, जिससे इसका क्षेत्रफल कम हो गया है। ऐसे में पूरी भूमि की पैमाइश करवाकर सीमांकन और पत्थरगढ़ी कराने की मांग की गई है। अतिक्रमण और आवासीय उपयोग पर भी रोक की उठाई मांग ज्ञापन में तहसीलदार और नगर परिषद को पुलिस सहायता से अतिक्रमण हटाने और अतिक्रमणकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग भी की गई। साथ ही भूमि को गोचर स्वरूप में सुरक्षित रखने और उसे व्यावसायिक या आवासीय उपयोग में परिवर्तित नहीं करने की मांग उठाई गई। समाज के लोगों ने आशंका जताई कि चौक की भूमि का उपयोग हाथ-लॉरी संचालकों या अन्य व्यावसायिक गतिविधियों के लिए किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि यदि किसी कारण से यहां चारा डालने पर रोक लगाना जरूरी है, तो शहर के आस-पास आमजन की पहुंच वाले स्थान पर वैकल्पिक गोचर भूमि आवंटित की जाए। ज्ञापन में नगर परिषद से बोर्ड हटाकर गोचर भूमि को सुरक्षित रखने के लिए तुरंत कार्रवाई करने की मांग की गई है।