जालोर कलेक्ट्रेट के सभागार में शनिवार को जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक में जमकर हंगामा हुआ। बैठक की अध्यक्षता जालोर-सिरोही सांसद लुंबाराम चौधरी ने कीं। इस दौरान भीनमाल विधायक डॉ. समरजीत सिंह ने जिले में बिजली व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि जालोर में बारिश की एक बूंद गिरते ही बिजली काट दी जाती है और कई घंटों तक आपूर्ति बहाल नहीं होती। डिस्कॉम अधिकारी फोन तक नहीं उठाते और ठेका कर्मचारियों द्वारा भी आमजन की शिकायतों पर ध्यान नहीं दिया जाता। इस पर मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग ने डिस्कॉम के सुपरिटेंडेंट इंजीनियर (एसई) निमेंद्र राज सिंह को निर्देश दिए कि विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों के सरकारी मोबाइल फोन कभी बंद नहीं रहने चाहिए। उन्होंने कहा कि कई बार जनप्रतिनिधियों को भी अधिकारियों के फोन बंद मिलते हैं, जिससे देर रात लोगों की शिकायतें सीधे जनप्रतिनिधियों तक पहुंचती हैं। जोगेश्वर गर्ग ने अधिकारियों को जिम्मेदारियों से बचने के बजाय समाधान निकालने की नसीहत देते हुए कहा कि पानी उपलब्ध होने के बावजूद लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। अधिकारियों की लापरवाही का ठीकरा सरकार पर नहीं फोड़ा जा सकता। दरअसल, बैठक में बिजली व्यवस्था, जल जीवन मिशन, नर्मदा परियोजना और आमजन से जुड़ी विभिन्न समस्याओं पर जनप्रतिनिधियों ने अधिकारियों से जवाब-तलब किया। कई मुद्दों पर मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग और सांसद लुंबाराम चौधरी ने अधिकारियों को जिम्मेदारी तय करते हुए समस्याओं के शीघ्र समाधान के निर्देश दिए। इस दौरान विभिन्न विभागों की योजनाओं और कार्यों की भी विस्तृत समीक्षा की गई। 15 साल से बंद पड़ी बिजली लाइन हटाने के निर्देश बैठक में जालोर शहर की कॉलोनियों के ऊपर से गुजर रही करीब 15 सालों से बंद पड़ी बिजली लाइनों का मुद्दा भी उठा। मुख्य सचेतक ने नाराजगी जताते हुए कहा कि कई बार निर्देश देने के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने माडवला से जालोर आने वाली डेड लाइन को जल्द हटाने के निर्देश दिए। जल जीवन मिशन की समीक्षा, अवैध कनेक्शन हटाने के निर्देश रानीवाड़ा विधायक रतन देवासी ने जल जीवन मिशन की समीक्षा के दौरान कहा कि मुख्य पाइपलाइन और पानी की टंकी के आसपास तो जलापूर्ति ठीक रहती है, लेकिन दूरी बढ़ने के साथ गांवों की ढाणियों तक पानी नहीं पहुंच रहा। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले पांच सालों में सही मॉनिटरिंग नहीं होने और बिना सर्वे पाइपलाइन बिछाने से यह समस्या उत्पन्न हुई है। जल जीवन मिशन के सुपरिटेंडेंट इंजीनियर(एसई) लच्छूराम के जवाब से असंतुष्ट मुख्य सचेतक ने स्पष्ट कहा कि सीधे सवाल का सीधा जवाब दिया जाए। उन्होंने प्रत्येक 200 से 300 मीटर पर किए गए अवैध पानी के कनेक्शन हटाने के निर्देश भी दिए। पानी चोरी करने वालों पर एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश बैठक में नर्मदा परियोजना और जल जीवन मिशन के तहत पानी चोरी का मामला भी उठा। जिला कलेक्टर डॉ. प्रदीप के. गावंडे ने पानी चोरी करने वालों के कनेक्शन काटकर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए। जब अधिकारियों ने पुलिस द्वारा मामले दर्ज नहीं करने की बात कही तो मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग ने कहा कि अब ऐसा समय नहीं रहा कि पुलिस कार्रवाई न करे। सांसद लुंबाराम चौधरी ने अधिकारियों से अब तक दर्ज कराई गई रिपोर्टों का ब्यौरा मांगा और कहा कि रिपोर्ट उपलब्ध कराई जाए, जिससे जरूरी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।