पंचायती राज चुनाव 2026 के तहत शुक्रवार को जालोर में नामांकन पत्र दाखिल करने का अंतिम दिन रहा। कांग्रेस, भाजपा, आरएलपी और निर्दलीय प्रत्याशियों ने बड़ी संख्या में जिला कलेक्ट्रेट पहुंचकर अपने-अपने पर्चे दाखिल किए। अंतिम दिन टिकट वितरण को लेकर गहमागहमी का माहौल भी बना रहा। इसी बीच भाजपा ने शुक्रवार देर शाम करीब 8 बजे अपनी दूसरी सूची जारी कर कई वार्डों में प्रत्याशी बदल दिए। टिकट कटने पर नवाराम देवासी बागी, निर्दलीय लड़ेंगे आहोर विधानसभा क्षेत्र के देलदरी गांव निवासी नवाराम देवासी ने जिला परिषद के वार्ड-30 और 31 से भाजपा का टिकट न मिलने पर पार्टी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने दोनों वार्डों से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। मीडिया से बातचीत में नाराजगी जाहिर करते हुए नवाराम ने कहा- यदि पार्टी धनबल के आधार पर टिकट बांटेगी तो जमीनी स्तर पर काम करने वाले निष्ठावान कार्यकर्ताओं का क्या होगा? उन्होंने आरोप लगाया कि स्थानीय विधायक छगन सिंह और अन्य वरिष्ठ पदाधिकारियों ने उनके नाम की पैरवी की थी, लेकिन आलाकमान के दबाव का हवाला देकर किसी अन्य को टिकट दे दिया गया। उन्होंने चेतावनी दी कि पैराशूट से आए और धनबल के दम पर टिकट पाने वाले प्रत्याशियों को चुनाव में जनता जवाब देगी। बता दें कि कि भाजपा ने वार्ड-30 से दिनेश कुमार और वार्ड-31 से भभूत सिंह को अपना उम्मीदवार बनाया है। भाजपा की दूसरी सूची में तीन वार्डों के प्रत्याशी बदले शुक्रवार शाम जारी हुई भाजपा की दूसरी सूची के बाद पार्टी में अंदरूनी मतभेद उभरकर सामने आ गए हैं। इनमें लिस्ट में तीन वार्डों के प्रत्याशी बदल दिए गए हैं। ज्वेलरी पहनकर नामांकन भरने पहुंचीं पोनी विश्नोई जिला परिषद के वार्ड-14 से भाजपा प्रत्याशी पोनी विश्नोई अपने समर्थकों के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचीं। इस दौरान वे भारी पारंपरिक राजस्थानी ज्वेलरी पहनकर नामांकन दाखिल करने आईं। उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण , सड़क, बुनियादी ढांचे के विकास और सांचौर क्षेत्र में लंबे समय से चली आ रही पेयजल समस्या का स्थायी समाधान कराना उनकी मुख्य प्राथमिकता रहेगी। दानाराम ने भरा पर्चा, जिला प्रमुख की दौड़ में शामिल नामांकन के अंतिम दिन दानाराम भी अपने समर्थकों के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचे और अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। दानाराम को जिला प्रमुख पद के प्रबल दावेदारों में से एक माना जा रहा है। उनके चुनाव मैदान में औपचारिक रूप से उतरने के बाद जालोर में जिला प्रमुख की कुर्सी को लेकर सियासी समीकरण और चर्चाएं तेज हो गई हैं।