जालोर के प्राइवेट स्कूल संचालकों ने कहा है कि सरकार राज संबल और शिक्षा संबल कार्यक्रमों के जरिए प्रशासनिक हस्तक्षेप बढ़ा रही है। जिला निजी विद्यालय संघ के सदस्य संचालक सोमवार को जिला कलेक्ट्रेट पहुंचे और सीएम के नाम कलेक्टर को ज्ञापन देकर मांगें रखीं। संघ के किशोर सिंह ने बताया- प्राइवेट स्कूलों पर राज संबल और शिक्षा संबल कार्यक्रम का बोझ डाला जा रहा है। इनके जरिए प्रशासन का हस्तक्षेप बढ़ गया है। बार-बार चेकिंग भी की जाती है। प्राइवेट स्कूल राज्य की शिक्षा व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। हमें प्रशासनिक और प्रबंधकीय स्वायत्तता हासिल है। शिक्षा संबल कार्यक्रम के जरिए बार-बार चेकिंग, रिपोर्टिंग और दूसरी प्रशासनिक प्रक्रियाओं का गैरजरूरी दबाव बनाया जा रहा है। इससे स्कूलों में पढ़ाई का माहौल प्रभावित हो रहा है। RTE का बकाया भुगतान मांगा संघ ने राइट टू एजुकेशन (आरटीई) के तहत स्कूलों को सरकार की ओर से मिलने वाली प्रतिपूर्ति राशि का समय पर भुगतान तय करने की मांग की है। साथ ही निजी स्कूलों की प्रशासनिक स्वायत्तता बनाए रखने और अनावश्यक निरीक्षण और हस्तक्षेप पर रोक लगाने की मांग की है। साथ ही राजस्थान गैर-सरकारी शैक्षणिक संस्थाएं अधिनियम, 1993 की भावना के अनुरूप कार्यवाही करने की अपील की है। संघ ने चेतावनी दी है कि अगर सरकार ने जल्दी ही सकारात्मक फैसला नहीं लिया तो प्रदेशभर के निजी स्कूल चरण बद्ध आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।