लंबे इंतजार के बाद जालोर जिले में शुक्रवार रात को मानसून ने दस्तक दे दी है। मानसून की पहली ही बारिश ने जहां भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों को बड़ी राहत दी है, वहीं डिस्कॉम की लापरवाही के कारण जिले के कई इलाकों में बिजली संकट खड़ा हो गया है। मौसम विभाग ने आगामी 4 दिनों तक जिले में आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया है। भीनमाल और जसवंतपुरा में बारिश शुक्रवार शाम को अचानक मौसम का मिजाज बदला और रात होते-होते जिले के कई हिस्सों में तेज तो कहीं रिमझिम बारिश का दौर शुरू हो गया। भीनमाल में 2 इंच, सायला में 1 इंच और जसवंतपुरा में करीब डेढ़ इंच बारिश दर्ज की गई है। इसके अलावा आहोर, जालोर, बागोड़ा, चितलवाना और भाद्राजून में मध्यम दर्जे की बारिश हुई, जिससे तापमान में गिरावट आई है। सांचौर में फिलहाल हल्की बूंदाबांदी ही हुई है, जिससे वहां के लोगों को अभी भी अच्छी बारिश का इंतजार है। इस बारिश के बाद शनिवार सुबह से ही हवा में नमी बनी हुई है और आसमान में बादलों का डेरा है। वहीं राहत की बात यह भी है कि जवाई बांध का जलस्तर भी इस समय 31.85 फीट है। 15 घंटे से 8 गांव अंधेरे में जालोर जिला मुख्यालय सहित ग्रामीण इलाकों में बिजली कटौती ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया। पहली बूंद गिरते ही डिस्कॉम का सिस्टम पूरी तरह चरमरा गया। सबागरा डिस्कॉम की भारी लापरवाही के चलते जालोर जिले के रायपुरिया, सिवाणा सहित आसपास के 8 गांवों में शुक्रवार दोपहर से कटी बिजली शनिवार सुबह तक बहाल नहीं हो सकी। पिछले 15 घंटों से बिजली पूरी तरह ठप होने के कारण ग्रामीणों को पूरी रात घने अंधेरे और भीषण उमस में काटनी पड़ी। इस अघोषित बिजली कटौती से ग्रामीणों का जनजीवन पूरी तरह पटरी से उतर गया है और लोगों में विभाग के खिलाफ भारी आक्रोश है।