जालोर जिले में वन विभाग द्वारा 1 मई की बुद्ध पूर्णिमा की रात वाटर होल पद्धति से की गई वन्यजीव गणना के रोचक आंकड़े सामने आए हैं। जिले की 4 वन रेंजों में 40 अलग-अलग पॉइंट्स पर मचान बनाकर 87 वनकर्मियों ने यह गिनती की। इस गणना में कई महत्वपूर्ण और दुर्लभ वन्यजीवों की मौजूदगी दर्ज की गई है। 835 सुअर, 309 सियार और 89 भालू दर्ज आंकड़ों के अनुसार जालोर के जंगलों में सबसे अधिक संख्या जंगली सुअरों की है, जो 835 दर्ज किए गए हैं। इसके अलावा 309 सियार और 89 भालुओं की मौजूदगी भी सामने आई है। वनकर्मियों ने एक पैंथर का मूवमेंट भी दर्ज किया है, हालांकि उसकी पहचान अभी स्पष्ट नहीं हो सकी है और उसे अज्ञात श्रेणी में रखा गया है। इंडियन गिद्ध, मरु लोमड़ी और रस्टी स्पॉटेड कैट की संख्या बढ़ी पिछले तीन वर्षों की गणना में पहली बार पैंथर की मौजूदगी दर्ज की गई है। दुर्लभ प्रजातियों में इंडियन गिद्ध की संख्या 16 दर्ज हुई, जो 2023 में 7 थी। रस्टी स्पॉटेड कैट की संख्या 23 दर्ज की गई, जबकि मरु लोमड़ी की संख्या 19 तक पहुंच गई है, जो पिछले वर्षों की तुलना में बढ़ोतरी दर्शाती है। रणखार क्षेत्र में दिखा सकारात्मक ट्रेंड रणखार क्षेत्र में जंगली गधों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है। 2024 में जहां इनकी संख्या 17 थी, वहीं 2025 में 18 और अब 19 दर्ज की गई है। हर वर्ष इसमें मामूली लेकिन लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है। बिना कृत्रिम रोशनी के वाटर होल्स पर की गई निगरानी कुल 87 वनकर्मियों ने वाटर होल पद्धति से यह गणना की। गर्मी के मौसम में वन्यजीव रात के समय पानी पीने के लिए जल स्रोतों पर आते हैं, जहां चांदनी में बिना कृत्रिम रोशनी के उनकी गिनती की गई। इस दौरान कई प्रजातियों की सटीक मौजूदगी दर्ज की गई। सियार, चिंकारा, लोमड़ी सहित कई प्रजातियां शामिल आंकड़ों के अनुसार जिले में पैंथर 1, सियार 309, जरख 130, जंगली बिल्ली 100, डेजर्ट कैट 5, रस्टी स्पॉटेड कैट 23, लोमड़ी 207, मरु लोमड़ी 19, भेड़िया 4, भालू 89, बिज्जू 131, कवर बिज्जू 14, चिंकारा 238, जंगली सुअर 835, सेही 264, सारस 32, इंडियन गिद्ध 16, जंगली मुर्गा 19, जंगली गधा 19 और पेंटेट स्टार्क 9 दर्ज किए गए हैं।