जसोल के श्री राणी भटियाणी मंदिर संस्थान में रविवार, 13 सितंबर को भाद्रपद शुक्ल पक्ष द्वितीया (बीज) मनाई गई। इस मौके पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचे। सुबह मंगला आरती के साथ ही श्रद्धालुओं का आना शुरू हो गया, जो देर रात तक जारी रहा। पूरे जसोल धाम में राणीसा भटियाणीसा के जयकारे गूंजते रहे। मंदिर परिसर को फूलों से सजाया श्रद्धालुओं ने श्री राणीसा भटियाणीसा, श्री बायोसा, श्री सवाई सिंह जी, श्री लाल बन्नासा, श्री खेतलाजी और श्री काला-गौरा भैरूजी के मंदिरों में दर्शन किए। उन्होंने अपने परिवार की सुख-शांति और समृद्धि के लिए प्रार्थना की। मंदिर परिसर को आकर्षक रोशनी और फूलों से सजाया गया था, जिससे दिनभर भक्ति का माहौल बना रहा। बीज के इस खास मौके पर रायपुर (छत्तीसगढ़) की रहने वाली बासु जोशी, जो देव कुमार जोशी की पत्नी हैं, ने छप्पन भोग चढ़ाया। उनके परिवार ने पूरे विधि-विधान से छप्पन भोग अर्पित किया और सभी मंदिरों में विशेष भोग भी चढ़ाया गया। कन्या पूजन कर महाप्रसादी खिलाई लाभार्थी परिवार ने सभी समाज की कन्याओं का विधिवत पूजन किया। कन्याओं को भोजनशाला में महाप्रसादी खिलाई गई और उन्हें फल, प्रसाद व दक्षिणा भेंट की गई। परिवार ने कन्याओं का आशीर्वाद भी लिया। शाम तक श्री राणीसा भटियाणीसा के दरबार में विशेष रूप से सजाया गया छप्पन भोग दर्शन के लिए रखा रहा, जिसका लाभ हजारों श्रद्धालुओं ने उठाया। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए व्यापक व्यवस्थाएं भारी संख्या में श्रद्धालुओं के आगमन को देखते हुए संस्थान की ओर से दर्शन, सुरक्षा एवं भीड़ प्रबंधन के लिए व्यापक व्यवस्थाएं की गईं। सुव्यवस्थित रेलिंग एवं कतार व्यवस्था, प्रसाद अर्पण की व्यवस्था, प्रसाद सामग्री सुरक्षित रखने के लिए टोकन प्रणाली, मिस्टिंग सिस्टम, व्हीलचेयर एक्सेस, गोल्फ कार्ट सुविधा, सीसीटीवी मॉनिटरिंग तथा पब्लिक अनाउंसमेंट सिस्टम के माध्यम से व्यवस्थाओं पर सतत निगरानी रखी गई। श्रद्धालुओं के लिए विश्राम, पेयजल, भोजन प्रसादी एवं पार्किंग की भी समुचित व्यवस्था रही। संस्थान द्वारा विकसित रिवर फ्रंट पार्किंग क्षेत्र में विशेष व्यवस्थाएं की गईं, जिससे वाहनों की आवाजाही एवं पार्किंग व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने में सहायता मिली। संस्थान द्वारा विकसित सुविधाओं एवं व्यवस्थाओं की श्रद्धालुओं ने सराहना करते हुए इन्हें दर्शन व्यवस्था को अधिक सुगम, सुरक्षित एवं सुविधाजनक बनाने वाला बताया। प्रतिपदा और बीज पर सजे भक्ति के जागरण भाद्रपद शुक्ल पक्ष प्रतिपदा की पूर्व संध्या पर संस्थान परिसर में विशेष रात्रि जागरण का आयोजन किया गया, जिसमें स्थानीय दामामियों एवं भजनियों ने पारंपरिक एवं भक्तिमय प्रस्तुतियां दीं। वहीं, बीज के अवसर पर भी विशेष रात्रि जागरण हुआ, जिसमें स्थानीय भजनियों ने सुमधुर वाणी में भजनों की प्रस्तुतियां देकर श्रद्धालुओं को भावविभोर किया। पर्व को लेकर संस्थान परिसर को आकर्षक बिजली रोशनी से सजाया गया तथा समस्त मंदिरों में विशेष पुष्प सज्जा की गई। भक्ति संगीत, जयकारों, छप्पन भोग एवं दर्शन के बीच संपूर्ण जसोल धाम दिनभर आध्यात्मिक एवं भक्तिमय वातावरण से सराबोर रहा। “श्रद्धालुओं की सेवा, सुरक्षा और सुविधा ही संस्थान की प्राथमिकता” इस अवसर पर संस्थान के प्रवक्ता कुंवर हरिशचंद्र सिंह जसोल ने कहा कि संस्थान सदैव श्रद्धालुओं की सेवा, सुरक्षा एवं सुविधा के प्रति समर्पित है। संस्थान का निरंतर प्रयास है कि देशभर से जसोल धाम आने वाले हर श्रद्धालु को सुगम दर्शन के साथ स्वच्छ, सुरक्षित, शांतिपूर्ण एवं सुविधाजनक वातावरण मिले। उन्होंने कहा कि श्रद्धालु जसोल धाम से आध्यात्मिक शांति, सकारात्मक ऊर्जा एवं सुखद अनुभूति लेकर जाएं तथा श्री राणीसा भटियाणीसा की कृपा से उनकी मंगलकामनाएं पूर्ण हों। इसी भावना के साथ संस्थान श्रद्धालुओं की सुविधाओं, दर्शन व्यवस्थाओं एवं आधारभूत संरचना को निरंतर और अधिक सुदृढ़ एवं बेहतर बनाने की दिशा में कार्यरत है। देखें PHOTOS