श्री राणी भटियाणी मंदिर संस्थान, जसोल में शारदीय नवरात्रा महोत्सव श्रद्धा और भक्ति के साथ संपन्न हुआ। आसोज शुक्ल पक्ष प्रतिपदा से नवमी तक चले दस दिवसीय महोत्सव में माँ जसोल के दरबार में लाखों श्रद्धालु पहुंचे। भक्तों ने दर्शन कर परिवार की सुख-शांति की कामना की। संस्थान प्रवक्ता हरिशचंद्र सिंह जसोल ने बताया- इस साल 11 से 20 अक्टूबर तक कुल 2,06,282 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। पिछले साल 22 सितंबर से 2 अक्टूबर 2025 की तुलना में 45,029 श्रद्धालुओं की बढ़ोतरी हुई, जो 27.92 प्रतिशत है। पिछले साल रोज औसतन 16,125 श्रद्धालु आए थे, जबकि इस साल यह संख्या 20,628 रही। संस्थान अध्यक्ष रावल किशन सिंह जसोल ने कहा कि यह बढ़ोतरी मां जसोल के प्रति लोगों की बढ़ती आस्था दिखाती है। संस्थान श्रद्धालुओं को सुगम और सुरक्षित दर्शन उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। शारदीय नवरात्रा महोत्सव के अंतर्गत दस दिनों तक मां भगवती के विभिन्न स्वरूपों की विशेष आराधना, वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हवन-पूजन, देवी उपासना एवं धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुए। मां भगवती के श्रीचरणों में समस्त श्रद्धालुओं की मनोकामना पूर्ति, परिवारों की सुख-समृद्धि, क्षेत्र की खुशहाली एवं विश्व कल्याण की मंगलभावना के साथ आहुतियां अर्पित की गईं। नवरात्रा के पावन अवसर पर आयोजित इन अनुष्ठानों से मंदिर परिसर में आध्यात्मिक एवं धार्मिक वातावरण बना रहा। महोत्सव के दौरान रोजाना देवी स्वरूपा कन्याओं का विधि-विधान एवं श्रद्धाभाव से पूजन किया गया। कन्याओं को मां भगवती का साक्षात स्वरूप मानकर तिलक, पुष्प एवं पूजन सामग्री से उनका सम्मान किया गया तथा फल एवं भोजन प्रसाद ग्रहण करवाकर श्रद्धापूर्वक दक्षिणा अर्पित की गई। कन्या पूजन के माध्यम से सनातन धर्म की मातृशक्ति के प्रति श्रद्धा, सम्मान एवं शक्ति उपासना की पवित्र परंपरा को आगे बढ़ाया गया। विभिन्न श्रद्धालु परिवारों ने कन्या पूजन, छप्पन भोग एवं भोजन प्रसाद के लाभार्थी बनकर धार्मिक सेवा में सहभागिता निभाई। इसी क्रम में 20 अक्टूबर मंगलवार को छप्पन भोग के लाभार्थी डॉ. गोविंद कुमार त्रिवेदी, सुपुत्र लाभशंकर त्रिवेदी, मूल निवासी भारजा, तहसील पिण्डवाड़ा, जिला सिरोही ने मां जसोल के श्रीचरणों में श्रद्धा एवं भक्तिभाव के साथ छप्पन भोग अर्पित किया। इस अवसर पर उन्होंने देवी स्वरूपा कन्याओं का विधि-विधान से पूजन कर उन्हें फल एवं भोजन प्रसाद ग्रहण करवाया तथा श्रद्धापूर्वक दक्षिणा अर्पित कर पुण्य लाभ प्राप्त किया। मां जसोल के प्रति उनकी श्रद्धा एवं सेवा भावना की सराहना करते हुए संस्थान द्वारा उनके परिवार के सुख, समृद्धि एवं मंगलमय जीवन की कामना की गई। मंदिर परिसर में नवरात्रा महोत्सव के दौरान रोजाना रात्रि जागरण का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें भजन-कीर्तन एवं मां जसोल की महिमा के गुणगान से श्रद्धालु भक्तिमय वातावरण का आनंद प्राप्त कर रहे हैं। मां भगवती की आराधना एवं भक्ति का यह क्रम पूर्णिमा तक निरंतर जारी रहेगा। धार्मिक आयोजनों के माध्यम से श्रद्धालुओं को सनातन संस्कृति, आध्यात्मिक मूल्यों एवं पारंपरिक धार्मिक आस्थाओं से जुड़ने का अवसर प्राप्त हो रहा है। महोत्सव के दौरान संस्थान द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधार्थ सुगम दर्शन, सुरक्षा, पार्किंग, पेयजल, स्वच्छता, आवागमन एवं भोजन प्रसाद सहित व्यापक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गईं। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को ध्यान में रखते हुए दर्शन व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने, वाहनों के सुव्यवस्थित आवागमन तथा मंदिर परिसर में स्वच्छता एवं सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया गया। संस्थान के पदाधिकारियों, कर्मचारियों, सुरक्षाकर्मियों एवं सेवाभावी कार्यकर्ताओं ने समन्वय के साथ श्रद्धालुओं की सेवा में अपनी जिम्मेदारियां निभाईं। संस्थान अध्यक्ष रावल किशन सिंह जसोल ने महोत्सव के सफल आयोजन में सहयोग प्रदान करने वाले समस्त श्रद्धालुओं, धार्मिक अनुष्ठानों के लाभार्थियों, संत-महात्माओं, सेवाभावी कार्यकर्ताओं, कर्मचारियों एवं सुरक्षाकर्मियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने मां जसोल के श्रीचरणों में समस्त श्रद्धालु भक्तों, क्षेत्रवासियों एवं देशवासियों के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य एवं खुशहाली की मंगलकामना की। देखें PHOTOS