जावाल कस्बे की वर्षों पुरानी पेयजल समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी अमृत 2.0 योजना के तहत ₹10.17 करोड़ की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति जारी की गई है। साल 2055 की अनुमानित आबादी और 1979 KLD पानी की मांग को आधार बनाकर तैयार इस मास्टर प्लान का उद्देश्य अगले 30 सालों तक कस्बे में निर्बाध पेयजल उपलब्ध कराना है। योजना का शुभारंभ, निर्माण कार्य का निरीक्षण योजना का शुभारंभ गुरुवार को राज्य मंत्री ओटाराम देवासी और सांसद लुंबाराम चौधरी की उपस्थिति में किया गया। इसी क्रम में करीब ₹11 करोड़ के विकास कार्यों के प्रथम चरण के तहत प्रस्तावित पानी की टंकी के निर्माण कार्य का निरीक्षण किया गया। जावाल मंडल अध्यक्ष विक्रम माली तथा पीडब्ल्यूडी एईएन (AEN) एवं भाजपा सिरोही के जिला उपाध्यक्ष छगनलाल घांची ने मौके पर पहुंचकर कार्य की प्रगति का जायजा लिया और निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। बढ़ेगी जलापूर्ति और भंडारण क्षमता योजना के तहत कस्बे का वाटर सर्विस लेवल (LPCD) 50 से बढ़ाकर 70 लीटर प्रति व्यक्ति प्रतिदिन किया जाएगा। इसके लिए 5 नए नलकूप खोदे जाएंगे। साथ ही पानी के भंडारण के लिए 150 KL और 200 KL क्षमता के दो नए उच्च जलाशय (ओवरहेड टैंक) बनाए जाएंगे। 41 किलोमीटर से अधिक नई पाइपलाइन, 1074 घरों तक पहुंचेगा पानी पेयजल वितरण व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए 33.25 किलोमीटर नई वितरण पाइपलाइन और 7.74 किलोमीटर मुख्य पाइपलाइन बिछाई जाएगी। पुरानी और जर्जर पाइपलाइनों को भी बदला जाएगा। योजना पूरी होने के बाद 1074 नए घरों को पेयजल कनेक्शन मिलेंगे, जिससे कस्बे के अंतिम छोर तक स्वच्छ और नियमित पानी पहुंचाने का लक्ष्य पूरा किया जा सकेगा।