झालावाड़ में नौकरी दिलाने के नाम पर कथित ठगी का मामला सामने आया है। महिलाओं और बालिकाओं ने एक निजी कंपनी पर बेरोजगार युवाओं से पहले 460 रुपए रजिस्ट्रेशन और फिर 200 रुपए पुलिस वेरिफिकेशन के नाम पर वसूली करने, लेकिन रोजगार उपलब्ध नहीं कराने का आरोप लगाया है। पीड़ितों ने जिला कलेक्टर अजय सिंह राठौड़ और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। रोजगार के नाम पर वसूली का आरोप ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि निजी कंपनी बेरोजगार महिलाओं, बालिकाओं और युवाओं को नौकरी का भरोसा देकर उनसे अलग-अलग मदों में राशि वसूल रही है। पीड़ितों के अनुसार पहले 460 रुपए रजिस्ट्रेशन शुल्क और बाद में 200 रुपए पुलिस वेरिफिकेशन के नाम पर लिए जाते हैं, लेकिन इसके बाद भी किसी को रोजगार उपलब्ध नहीं कराया जाता। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को नुकसान महिलाओं का कहना है कि कंपनी अब तक कई लोगों से इस तरह पैसे वसूल चुकी है, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। उनका आरोप है कि बड़ी संख्या में बेरोजगार युवाओं को रोजगार का झांसा देकर उनसे रकम ली गई। दूसरे राज्यों तक फैला होने का दावा ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि कंपनी की शाखाएं अन्य राज्यों में भी संचालित होने की जानकारी मिली है। पीड़ितों ने पूरे नेटवर्क की जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है। दो दिन पहले कार्यालय पर हुआ था हंगामा इस मामले को लेकर दो दिन पहले शहर की खानपुर रोड स्थित एक कॉलोनी में कंपनी के कार्यालय पर हंगामा भी हुआ था। सूचना मिलने पर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची थी। हालांकि, पीड़ितों का कहना है कि अब तक मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। पीड़िता का दावा- हजारों फॉर्म भरवाए गए एक पीड़ित बालिका ने बताया कि कंपनी ने हजारों लोगों से आवेदन फॉर्म भरवाए और सभी को अलग-अलग बातें कहकर रोजगार का भरोसा दिया। उसका आरोप है कि लोगों से पैसे लेने के बावजूद किसी को नौकरी नहीं मिली। उसने यह भी दावा किया कि कंपनी में उत्तराखंड की महिलाएं कार्यरत हैं।