झालावाड़ के एएनएम ट्रेनिंग सेंटर पर मंगलवार को नर्सिंग दिवस मनाया गया। इस अवसर पर संस्थान के सभी छात्र और स्टाफ सदस्य मौजूद रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य नर्सों के समर्पण, सेवा और करुणा को सम्मानित करना था। इस दौरान कार्यक्रम सहायक सुरेंद्र जांगिड़ ने कहा कि नर्सों को बिना थके, बिना रुके दूसरों के स्वास्थ्य के लिए खुद को समर्पित करना चाहिए। नर्सिंग शिक्षिका लक्ष्मी वर्मा ने छात्राओं को फ्लोरेंस नाइटिंगेल के जीवन, कर्तव्यनिष्ठा और सेवाभावी स्वभाव के बारे में बताया। उन्होंने जिक्र किया कि कैसे नाइटिंगेल रात में लैंप लेकर घायलों का उपचार करती थीं। नर्सों को सम्मान देने के लिए मनाया जाता है नर्सिंग डे शिक्षिका पिंकी वाडिया ने कहा कि यह दिन उन सभी नर्सों को सम्मान देने के लिए मनाया जाता है, जो अपने समर्पण, सेवा और करुणा से अनगिनत लोगों का जीवन बेहतर बनाती हैं। वाडिया ने जोर दिया कि नर्सिंग केवल एक पेशा नहीं, बल्कि मानवता की सबसे बड़ी सेवा है, जहां नर्स मरीज के दर्द को समझती है और उसकी देखभाल करती है। इस दौरान संस्थान द्वारा एक प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता भी आयोजित की गई, जिसमें छात्राओं को पुरस्कृत किया गया। प्रतियोगिता में फ्लोरेंस नाइटिंगेल के नर्सिंग में योगदान और उनके जीवन से संबंधित जानकारी दी गई। नर्सिंग अध्यापक जतिन उपाध्याय भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे और इसे सफल बनाने में सहयोग किया। मानव सेवा के प्रति हर समय तैयार रहने का आह्वान सीएमएचओ डॉ. साजिद खान ने फ्लोरेंस नाइटिंगेल के जीवन को सेवा, त्याग और करुणा का सर्वोच्च उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि नाइटिंगेल न केवल नर्सों के लिए, बल्कि पूरे मानव समाज के लिए प्रेरणा स्रोत हैं। उन्होंने सभी नर्सिंग छात्राओं को मानव सेवा के प्रति हर समय तैयार रहने का आह्वान किया।