रेलवे स्टेशन झालावाड़ सिटी तक जाने वाले मार्ग पर लंबे समय से अधिकांश रोड लाइटें बंद होने से रात में अंधेरा छाया रहता है। मामां-भानेज चौराहे से स्टेशन तक रोशनी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने से यात्रियों, राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अंधेरे के कारण सड़क पर लोगों को देखना मुश्किल होता है, जिससे दुर्घटना का खतरा भी बना रहता है। स्थानीय लोगों ने नगर परिषद से बंद लाइटें जल्द चालू कराने की मांग की है। गावड़ी तालाब से स्टेशन तक रोशनी कम शहरवासी और भवानीमंडी से आने-जाने वाले यात्री इसी मार्ग का उपयोग करते हैं। शाम होते ही सड़क पर अंधेरा छा जाता है। गावड़ी तालाब से रेलवे स्टेशन तक कुछ ही बिजली के पोल पर लाइटें जलती हैं, लेकिन उनकी रोशनी भी पर्याप्त नहीं है। इससे पैदल चलने वालों के साथ वाहन चालकों को भी परेशानी होती है। ट्रेन पकड़ने और घर लौटने वाले यात्रियों को दिक्कत रात के समय ट्रेन पकड़ने के लिए स्टेशन जाने वाले और ट्रेन से उतरकर घर लौटने वाले यात्रियों को इस मार्ग पर अधिक परेशानी झेलनी पड़ती है। सड़क पर पर्याप्त रोशनी नहीं होने से वाहन चालकों को राहगीर दिखाई देने में दिक्कत आती है। ऐसे में हादसे की आशंका बनी रहती है। शाम के समय इस मार्ग पर घूमने के लिए आने वाले लोगों को भी अंधेरे से परेशानी होती है। रेलवे ने बताया नगर परिषद का मामला मंगलपुरा निवासी दिलीप शर्मा ने बताया कि उन्होंने इस समस्या की जानकारी रेलवे विभाग को दी थी। विभाग ने इसे नगर परिषद से संबंधित मामला बताया। उनका कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद अब तक समस्या का समाधान नहीं हुआ है। जनसंवाद में भी उठाया मुद्दा रेलवे स्टेशन झालावाड़ सिटी पर हाल ही में आयोजित जनसंवाद कार्यक्रम के दौरान भी इस समस्या की जानकारी दी गई थी। इसके बावजूद सड़क पर रोशनी की व्यवस्था में सुधार नहीं होने से स्थानीय लोगों में नाराजगी है। लोगों ने नगर परिषद से मांग की है कि मामां-भानेज चौराहे से रेलवे स्टेशन तक बंद पड़ी रोड लाइटों को जल्द चालू कराया जाए और पूरे मार्ग पर पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था की जाए, ताकि यात्रियों और आमजन को रात के समय परेशानी से राहत मिल सके।