शादी का झांसा देकर रेप करने के मामले में झालावाड़ जिला एवं सत्र न्यायालय ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई और 50 हजार रुपए का जुर्माना लगाया। बुधवार को न्यायाधीश आलोक सुरोलिया ने यह फैसला सुनाया। मामले में राजस्थान सरकार की ओर से पैरवी करते हुए लोक अभियोजक नरेंद्र सिंह तोमर ने 14 गवाहों के बयान और 24 दस्तावेज न्यायालय में पेश किए। शादी का भरोसा देकर संबंध बनाने का आरोप लोक अभियोजक नरेंद्र सिंह तोमर के अनुसार, पीड़िता ने 1 दिसंबर 2021 को पुलिस अधीक्षक कार्यालय के माध्यम से महिला पुलिस थाने में रिपोर्ट दी थी। रिपोर्ट में बताया गया कि पीड़िता की आरोपी से करीब दो साल पहले जान-पहचान हुई थी। आरोप था कि आरोपी ने शादी का भरोसा देकर उसके साथ संबंध बनाए और उसे अपने घर ले जाता था। लॉकडाउन में 50 हजार रुपए लेने का भी आरोप पीड़िता ने रिपोर्ट में बताया कि लॉकडाउन के दौरान काम बंद होने की बात कहकर आरोपी ने उससे 50 हजार रुपए लिए थे। बाद में जब पीड़िता ने शादी की बात कही, तो आरोपी ने इनकार कर दिया और दूसरी युवती से शादी की तैयारी करने लगा। करीब एक महीने तक घर पर रखने की बात आई सामने पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी ने पीड़िता को करीब एक महीने तक अपने घर पर रखा था। पुलिस के अनुसार, आरोपी के माता-पिता को भी इसकी जानकारी थी। दोनों पक्षों के बीच पीड़िता से शादी कराने पर सहमति बनी थी और इस संबंध में लिखित प्रार्थना पत्र भी दिया गया था। बाद में पीड़िता ने पुलिस को मोबाइल फोन के जरिए बताया कि आरोपी ने 21 नवंबर 2021 को दूसरी युवती से शादी कर ली है। उसने आरोपी और उसके माता-पिता के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। आरोपी के पिता ने भी पुलिस से संपर्क के दौरान शादी कराने से इनकार कर दिया। जांच के बाद कोर्ट में पेश किया चालान पीड़िता की शिकायत के आधार पर महिला पुलिस थाना झालावाड़ में मामला दर्ज कर जांच की गई। जांच पूरी होने के बाद आरोपी के खिलाफ कोर्ट में चालान पेश किया गया। 14 गवाहों और 24 दस्तावेजों के आधार पर फैसला लोक अभियोजक नरेंद्र सिंह तोमर ने राजस्थान सरकार की ओर से पैरवी करते हुए न्यायालय में 14 गवाहों के बयान करवाए और 24 दस्तावेज प्रदर्शित किए। अभियोजन पक्ष की ओर से पेश साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने आरोपी को रेप के मामले में दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास और 50 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई।