झालावाड़ जिले के डग में अंतर्राष्ट्रीय नर्सेज डे उत्साहपूर्वक मनाया गया। यह कार्यक्रम भेरू महाराज मंदिर परिसर में दोपहर को आयोजित हुआ, जिसकी अध्यक्षता एसडीएच चिकित्सा प्रभारी डॉ. राममनोहर कुशवाह ने की। इस मौके पर सेवा भावना और मानवता के संदेश पर जोर दिया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मॉडर्न नर्सिंग की जनक फ्लोरेन्स नाइटिंगेल की तस्वीर पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। उपस्थित नर्सिंग अधिकारियों और डॉक्टरों ने फ्लोरेन्स नाइटिंगेल के आदर्शों, उनके जीवन संघर्ष, सेवा भावना और मानवता के प्रति समर्पण को याद किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे डॉ. राममनोहर कुशवाह ने अपने संबोधन में कहा कि नर्सिंग स्टाफ स्वास्थ्य व्यवस्था की मजबूत नींव है। उन्होंने मरीजों की सेवा, देखभाल और उपचार में नर्सिंग कर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। डॉ. रघुवीर शर्मा समेत अन्य वक्ताओं ने कहा कि नर्सें कठिन परिस्थितियों में भी धैर्य, संवेदनशीलता और समर्पण के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करती हैं। उनका यह कार्य समाज के लिए प्रेरणास्रोत है। वक्ताओं ने फ्लोरेन्स नाइटिंगेल के ऐतिहासिक योगदान का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि क्रिमियन युद्ध के दौरान नाइटिंगेल ने अपने 38 सदस्यीय नर्सिंग दल के साथ घायल सैनिकों की सेवा कर नर्सिंग पेशे को वैश्विक पहचान दिलाई। रातभर हाथ में लैंप लेकर घायलों की सेवा करने के कारण उन्हें 'द लेडी विद द लैंप' के नाम से भी जाना जाता है। इस अवसर पर मौजूद सभी नर्सिंग अधिकारियों और कर्मचारियों ने अपने कर्तव्यों के प्रति निष्ठा और समर्पण दोहराते हुए मरीजों की बेहतर सेवा का संकल्प लिया। कार्यक्रम में नर्सिंग ऑफिसर नरेश मीणा, कपिल व्यास, अंतिम नागर, अब्दुल कलीम खान, कमलेश मेहरा, राधेश्याम गुर्जर, बालमुकुंद गुर्जर, राजुलाल दांगी, आकिब खान, अनस मोहम्मद, राकेश सुमन, उम्मेद सिंह, इमरान मोहम्मद, नंदकिशोर, धीरप सिंह, रघुराज सिंह, ईश्वर सिंह, सुनील व्यास, अनिल शर्मा, पूजा सिनम, गरिमा, मधु मेहरा, कविता नागर, शक्ति सिंह, नीरज सोनी, रोहित पंवार, उमाशंकर, राकेश वर्मा, हेमंत यादव सहित अन्य चिकित्सक, हेल्पर, एएनएम और पैरामेडिकल स्टाफ उपस्थित थे।