रबी सीजन में खाद की कालाबाजारी, अवैध डायवर्जन और वितरण में अनियमितताओं पर अंकुश लगाने के लिए कृषि विभाग ने कार्रवाई तेज कर दी है। डग और चौमहला क्षेत्र में खाद-बीज विक्रेताओं के प्रतिष्ठानों और गोदामों की जांच में गंभीर अनियमितताएं सामने आने पर मैसर्स अवन्तिका एंटरप्राइजेज, दूधालिया के खिलाफ संबंधित पुलिस थाने में प्राथमिकी दर्ज करवाई गई है। वहीं, नियमों की अनदेखी मिलने पर किसान कृषि सेवा केंद्र, सोलंकी कृषि सेवा केंद्र, श्री निकुंज एग्रो एसोसिएट्स और श्रीजी ट्रेडर्स, डग के लाइसेंस निलंबित कर दिए गए हैं। कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि किसानों को निर्धारित दरों पर खाद उपलब्ध कराने और वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए निरीक्षण जारी रहेंगे। पॉस मशीन में फर्जी प्रविष्टियां, 20.25 मीट्रिक टन यूरिया के विक्रय में गड़बड़ी कृषि विस्तार संयुक्त निदेशक डॉ. नरेश कुमार शर्मा ने बताया कि किसानों को निर्धारित दरों पर उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए स्टॉक, वितरण व्यवस्था और बिक्री रिकॉर्ड की नियमित जांच की जा रही है। निरीक्षण के दौरान मैसर्स अवन्तिका एंटरप्राइजेज में बिना समुचित रिकॉर्ड के उर्वरक वितरण, पॉस मशीन में फर्जी बिक्री प्रविष्टियां और प्राधिकार पत्र में दर्ज 'ओ' फॉर्म के बिना उर्वरक बिक्री जैसी अनियमितताएं मिलीं। इसके अलावा 20.25 मीट्रिक टन नीम कोटेड यूरिया के विक्रय में भी गड़बड़ी सामने आई। इन अनियमितताओं के आधार पर फर्म के खिलाफ संबंधित पुलिस थाने में प्राथमिकी दर्ज करवाई गई है। स्टॉक से लेकर बिक्री बिल तक में मिली खामियां, चार लाइसेंस निलंबित विभागीय जांच में चार अन्य उर्वरक विक्रेताओं के यहां भी कई तरह की अनियमितताएं सामने आईं। इनमें मूल्य सूची और भौतिक स्टॉक का प्रदर्शन नहीं करना, किसानों को बिक्री बिल नहीं देना, स्टॉक रजिस्टर का संधारण नहीं करना, निर्धारित दरों से अधिक कीमत पर खाद बेचना तथा पॉस मशीन में दर्ज स्टॉक और वास्तविक स्टॉक के बीच अंतर जैसी कमियां शामिल हैं। इन अनियमितताओं पर कार्रवाई करते हुए विभाग ने किसान कृषि सेवा केंद्र, सोलंकी कृषि सेवा केंद्र, श्री निकुंज एग्रो एसोसिएट्स और श्रीजी ट्रेडर्स, डग के लाइसेंस निलंबित कर दिए हैं। विभाग की इस कार्रवाई का उद्देश्य खाद की बिक्री में पारदर्शिता सुनिश्चित करना और किसानों को निर्धारित दरों पर उर्वरक उपलब्ध कराना है। खाद के साथ दूसरे उत्पाद खरीदने के लिए बाध्य नहीं कर सकेंगे विक्रेता कृषि विभाग ने खाद विक्रेताओं, सहकारी समितियों और संबंधित कंपनियों को निर्देश दिए हैं कि किसानों को उर्वरक के साथ अन्य उत्पाद खरीदने के लिए बाध्य नहीं किया जाए। किसानों को उनकी जरूरत के अनुसार खाद उपलब्ध कराई जाए और बिक्री के दौरान कोई अनुचित शर्त नहीं लगाई जाए। विभाग ने चेतावनी दी है कि खाद की जमाखोरी, कालाबाजारी, यूरिया के अवैध डायवर्जन और अन्य अनियमितताओं पर उर्वरक नियंत्रण आदेश, 1985 तथा आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी। जिले में 13,549 मीट्रिक टन यूरिया उपलब्ध कृषि विभाग के अनुसार जिले में वर्तमान में 13,549 मीट्रिक टन यूरिया, 3,934 मीट्रिक टन डीएपी, 4,254 मीट्रिक टन एनपीके और 17,498 मीट्रिक टन एसएसपी उपलब्ध है। विभाग का कहना है कि स्टॉक और वितरण व्यवस्था की निगरानी के जरिए किसानों तक खाद की उपलब्धता सुनिश्चित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। तिलहनी और दलहनी फसलों में एसएसपी उपयोगी डॉ. शर्मा ने बताया कि तिलहनी और दलहनी फसलों में तीन बैग सिंगल सुपर फास्फेट (एसएसपी) के साथ एक बैग यूरिया का उपयोग विकल्प के रूप में किया जा सकता है। इससे फसलों को नाइट्रोजन, फास्फोरस, सल्फर और कैल्शियम जैसे पोषक तत्व मिलते हैं। उन्होंने किसानों को मृदा की स्थिति और फसल की जरूरत के अनुसार संतुलित उर्वरकों का उपयोग करने की सलाह दी।