झालावाड़ में झाला रानी शाखा ने पर्यटन और विरासत संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 'विरासत के साथ सेल्फी' अभियान शुरू किया है। इस पहल का लक्ष्य आमजन में पर्यटन के प्रति जागरूकता बढ़ाना और उन्हें अपनी ऐतिहासिक धरोहर से जुड़ने के लिए प्रेरित करना है। अभियान के तहत, शाखा के सदस्यों ने गढ़ गार्डन में सेवा कार्य भी किया। भीषण गर्मी को देखते हुए पक्षियों के लिए दाना-पानी की व्यवस्था की गई। इस दौरान गढ़ गार्डन में कुल 20 परिंडे बांधे गए, जबकि 15 परिंडे आमजन को उनके घरों पर लगाने के लिए वितरित किए गए। इस सेवा कार्य का मुख्य उद्देश्य पक्षियों को गर्मी से राहत पहुंचाना और लोगों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करना है। इस कार्यक्रम में भारत विकास परिषद के सदस्यों ने भी सहयोग प्रदान किया। समिति से जुड़े सालिग्राम दांगी ने झाला रानी शाखा के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह महिला इकाई समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए सराहनीय कार्य कर रही है और इसकी योजनाएं झालावाड़ में एक मिसाल कायम करेंगी। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए प्रकृति, पक्षियों और ऐतिहासिक धरोहर की रक्षा का आह्वान किया। शाखा अध्यक्षा अर्चना मालपानी ने विरासत के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि गढ़ हमारी सांस्कृतिक धरोहर है, जिसे संजोकर रखना हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने आमजन से गढ़ में बनाए गए सेल्फी पॉइंट की जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने की अपील की। वहीं, सचिव चेतना गर्ग ने कहा कि गर्मियों में पक्षियों के लिए दाना-पानी की व्यवस्था करना एक पुण्य कार्य है। इससे न केवल पक्षियों को राहत मिलती है, बल्कि समाज में सेवा भाव भी बढ़ता है। इस अवसर पर प्रांतीय उपाध्यक्ष मनोज शर्मा, जिला संयोजक उदयभान सिंह, संरक्षक राजकुमार खंडेलवाल, कोषाध्यक्ष सुमन खंडेलवाल सहित कई कार्यकारिणी सदस्य एवं गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। कार्यक्रम ने समाज में विरासत संरक्षण और पर्यावरण के प्रति जागरूकता का सकारात्मक संदेश दिया।