झालावाड़ में आशा सहयोगिनी, एएनएम, महिला योग प्रशिक्षक (आयुष मित्र) और आयुष नर्स कंपाउंडर का दो दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण मंगलवार को पूरा हुआ। प्रशिक्षण 27 और 28 अक्टूबर को आयोजित किया गया। आयुर्वेद विभाग के सहायक निदेशक डॉ. दुर्गालाल सस्ता और प्रशिक्षण प्रभारी डॉ. रिंकेश कुमार यादवेंद्र ने दीप जलाकर कार्यक्रम शुरू किया। शुरुआत भगवान धन्वंतरि की पूजा-अर्चना से हुई। डॉ. रिंकेश कुमार यादवेंद्र ने प्रशिक्षण का उद्देश्य और रूपरेखा बताई। उन्होंने कहा कि इसका मकसद स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर करना और आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के जरिए लोगों को अच्छी स्वास्थ्य सुविधाएं देने के लिए कार्मिकों की कार्यक्षमता बढ़ाना है। प्रशिक्षण में डॉ. विनोद कुमार शर्मा ने प्रकृति परीक्षण की जानकारी दी। डॉ. अरविंद सिंह जादौन ने आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में होने वाली जरूरी स्वास्थ्य जांचों के बारे में बताया। डॉ. राजेश पांडे ने आशा कार्यकर्ताओं के सी-बैक फॉर्म भरने की प्रक्रिया और उसके महत्व की जानकारी दी। डॉ. फिरदौस ने महिलाओं में होने वाले रोगों, उनके लक्षणों और जरूरी सावधानियों के बारे में बताया। डॉ. अश्वनी पाटीदार ने गैर-संचारी रोगों (एनसीडी) के सर्वे की प्रक्रिया और उपयोगिता समझाई। डॉ. प्रभाकर वैष्णव ने औषधीय पौधों के उपयोग और उनके औषधीय प्रयोगों की जानकारी दी। समापन समारोह में सहायक निदेशक डॉ. दुर्गालाल सस्ता और प्रशिक्षण प्रभारी डॉ. रिंकेश कुमार यादवेंद्र ने प्रशिक्षण लेने वालों को प्रशस्ति पत्र दिए। कार्यक्रम के आयोजन में चंद्रेश नामा और संजू कंवर का योगदान रहा। प्रशिक्षण में आयुर्वेद, महिला स्वास्थ्य, प्रकृति परीक्षण, स्वास्थ्य जांच, एनसीडी सर्वे और औषधीय पौधों के उपयोग की जानकारी दी गई। इससे प्रतिभागी अपने कार्यक्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने में योगदान दे सकेंगे।