झालावाड़ जिला मुख्यालय स्थित मिनी सचिवालय में लिफ्ट पिछले लगभग दो सप्ताह से खराब पड़ी है। लिफ्ट बंद होने से यहां कार्यरत कर्मचारियों के साथ-साथ विभिन्न सरकारी कार्यालयों में काम से आने वाले आम लोगों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मिनी सचिवालय की ऊपरी मंजिलों पर स्थित कार्यालयों तक पहुंचने के लिए लोगों को सीढ़ियों का उपयोग करना पड़ रहा है। इससे बुजुर्गों, दिव्यांगजनों, महिलाओं और बीमार व्यक्तियों को सबसे अधिक दिक्कत हो रही है। कर्मचारियों को भी दिनभर कई बार सीढ़ियां चढ़ने-उतरने के कारण परेशानी उठानी पड़ रही है। जानकारी के अनुसार, लिफ्ट में तकनीकी खराबी आने के बाद से इसकी मरम्मत नहीं हो सकी है। कर्मचारियों का कहना है कि अब करीब दो सप्ताह से लिफ्ट पूरी तरह बंद होने के बावजूद इसे चालू कराने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। लोगों का कहना है कि मिनी सचिवालय जैसे महत्वपूर्ण सरकारी भवन में लिफ्ट जैसी मूलभूत सुविधा का लंबे समय तक बंद रहना प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। उन्होंने प्रशासन से जल्द से जल्द लिफ्ट की मरम्मत कराकर इसे सुचारु रूप से चालू कराने की मांग की है, ताकि कर्मचारियों और आमजन को राहत मिल सके। मिनी सचिवालय लगभग तीसरी मंजिल तक बना हुआ है, जहां करीब 40 कार्यालय संचालित होते हैं। यहां भूतल पर एसबीआई बैंक संचालित है। वहीं, तीसरी मंजिल के अंतिम हिस्से में छत परिसर में अभय कमांड सेंटर और पुलिस का कंट्रोल रूम भी संचालित होता है। इस मामले में पीडी झालावाड़ के एक्सईएन दीपक तुंदवाल से भी संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन नेटवर्क की समस्या के चलते उनसे बात नहीं हो सकी। ऊपरी मंजिल पर स्थित कार्यालयों के कर्मचारियों ने मंगलवार को एक शिकायत पत्र जिला कलेक्टर कार्यालय भेजा है।