झालावाड़ में पोक्सो कोर्ट ने नाबालिग के किडनैप और शादी कराने की कोशिश के मामले में 3 आरोपियों को पांच-पांच साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 30 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। विशिष्ट लोक अभियोजक गिरिराज नागर ने यह जानकारी दी। मामला 27 मई 2025 का है, जब पीड़िता के पिता ने पिड़ावा थाने में अपनी बेटी के सुबह 8 बजे से लापता होने की शिकायत दर्ज कराई थी। फरियादी ने अपनी बेटी की तलाश रिश्तेदारों और परिचितों के यहां की, लेकिन वह कहीं नहीं मिली। इसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पिड़ावा से पीड़िता को किया था बरामद पुलिस ने 2 दिन बाद पीड़िता को पिड़ावा से बरामद किया। पीड़िता ने अपने बयानों में बताया कि उसके पड़ोस में रहने वाली एक महिला और उसके पति ने उसकी शादी कोटा में एक सुनार के लड़के से तय की थी। हालांकि, किसी कारणवश लड़के ने शादी से इनकार कर दिया था। पीड़िता ने बताया कि आरोपी उसे किसी अन्य लड़के से मिलवाने के लिए बुर्का पहनाकर बस से पिड़ावा से भवानीमंडी ले गए। वहां से वे ट्रेन से कोटा पहुंचे और एक होटल में रुके, जहां उन्होंने पीड़िता को एक लड़का दिखाया। 2 महिलाओं समेत 3 आरोपियों को पकड़ा अगले दिन उस लड़के ने भी शादी से इनकार कर दिया। इसके बाद महिला और उसके पति ने लड़के से 50 हजार रुपए फोन में डालने को कहा। बाद में वे पीड़िता को कोटा स्टैंड पर छोड़कर अपने ससुराल चले गए। इसके बाद आरोपी की मां आई और पीड़िता को एक गांव ले गई, जहां वे एक रात रुके। अगले दिन सुबह 9 बजे आरोपी की मां पीड़िता को कोटा स्टैंड पर छोड़कर बाजार चली गई। इसके बाद पिड़ावा पुलिस पीड़िता को अपने साथ पिड़ावा ले आई। पुलिस ने इस मामले में 2 महिला समेत 3 आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर उन्हें कोर्ट में पेश किया था।