झालावाड़ जिले में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एनएफएसए) के तहत लंबित और सेंड-बैक आवेदनों के त्वरित निस्तारण के लिए एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान का उद्देश्य पात्र उपभोक्ताओं को समय पर योजना का लाभ दिलाना और तकनीकी कारणों से लंबित मामलों को शीघ्रता से सुलझाना है। जिला प्रशासन की समीक्षा में सामने आया है कि जिले में प्राप्त 40 हजार से अधिक आवेदनों में से लगभग 8,500 आवेदन विभिन्न स्तरों पर लंबित हैं। इनमें से कई आवेदन ग्राम पंचायत स्तर पर 'सेंड-बैक' स्थिति में हैं, और अनेक 90 दिनों से अधिक समय से लंबित पड़े हैं। इस स्थिति को गंभीर मानते हुए, जिला कलेक्टर ने सभी संबंधित अधिकारियों को प्राथमिकता के आधार पर इन आवेदनों का निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। जिला कलेक्टर ने सभी उपखंड अधिकारी, विकास अधिकारी, नगर निकाय और तहसील प्रशासन को इस अभियान में सक्रिय भूमिका निभाने को कहा है। अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया गया है कि वे संबंधित आवेदकों से संपर्क स्थापित करें, उनकी समस्याओं का समाधान करें और आवश्यक दस्तावेज पूरे करवाकर आवेदन प्रक्रिया को पुनः पूर्ण कराएं। विशेष रूप से, जिन प्रकरणों में दस्तावेजों की कमी है या समिति की रिपोर्ट लंबित है, वहां ग्राम स्तरीय खाद्य सुरक्षा चयन समिति द्वारा मौके पर ही जांच कर पात्रता निर्धारित की जाएगी। इससे आवेदकों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और पूरी प्रक्रिया सरल एवं पारदर्शी बनेगी। इस अभियान के तहत जिले की सभी ग्राम पंचायतों में 6, 7 और 8 मई को विशेष शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों में ग्राम विकास अधिकारी, पटवारी और बूथ लेवल अधिकारी उपस्थित रहेंगे, जो शिविर स्थल पर ही आवेदनों की जांच कर उनका त्वरित निस्तारण करेंगे। जिला प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि जिनके आवेदन सेंड बैक या लंबित स्थिति में हैं, वे निर्धारित तिथियों पर अपने संबंधित ग्राम पंचायत में आयोजित शिविर में आवश्यक दस्तावेजों के साथ मौजूद रहें। इससे उनके आवेदन का शीघ्र निस्तारण संभव होगा और वे समय पर राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना का लाभ प्राप्त कर सकेंगे। यह अभियान प्रशासन की जनहित के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है और इससे जिले में पारदर्शी एवं प्रभावी सेवा वितरण को बढ़ावा मिलेगा।