झालावाड़ के पीजी कॉलेज में शुक्रवार को टीबी पर जागरूकता कार्यक्रम हुआ। नई किरण नशा मुक्ति केंद्र और एनसीसी आर्मी विंग, 14 राजस्थान बटालियन एनसीसी कोटा ने मिलकर यह आयोजन किया। डॉ. सुनील विजय ने विद्यार्थियों को टीबी के लक्षण, संक्रमण, बचाव और उपचार की जानकारी दी। उन्होंने टीबी से जुड़ी गलतफहमियां दूर कर समाज में जागरूकता फैलाने की अपील की। डॉ. विजय ने बताया कि टीबी फेफड़ों की संक्रामक बीमारी है, जो खांसने या छींकने से फैलती है। दो सप्ताह से ज्यादा खांसी, बलगम में खून, लगातार बुखार, रात में पसीना, वजन घटना, भूख कम लगना और कमजोरी इसके मुख्य लक्षण हैं। ऐसे लक्षण दिखने पर डॉक्टर की सलाह से जांच कराएं। नशीले पदार्थों से दूर रहने की सलाह उन्होंने खांसते-छींकते समय मुंह-नाक ढकने, घरों में हवा का इंतजाम रखने, संतुलित आहार, पर्याप्त नींद और नशीले पदार्थों से दूर रहने की सलाह दी। डॉ. विजय ने टीबी मरीज से भेदभाव न करने और उसे परिवार व समाज का सहयोग देने की बात कही। कॉलेज प्राचार्य प्रो. रामकल्याण मीना ने विद्यार्थियों को ऐसे कार्यक्रमों में हिस्सा लेने और सही जानकारी समाज तक पहुंचाने के लिए प्रेरित किया। एनसीसी अधिकारी डॉ. कमलेश कुमार वर्मा ने कैडेट्स से आह्वान किया कि वे टीबी के लक्षणों, बचाव और उपचार की जानकारी अपने परिवार, गांव और मोहल्लों तक पहुंचाएं। उन्होंने कहा कि एनसीसी कैडेट्स अनुशासन, सेवा भावना और नेतृत्व क्षमता के माध्यम से सामाजिक जागरूकता अभियानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने रोगियों की गोपनीयता और सम्मान बनाए रखने पर भी जोर दिया।क