झालावाड़ में शनिवार को जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा में आतंकवादियों से मुठभेड़ के दौरान शहीद हुए आर्मी कमांडो मुकुट बिहारी मीणा की 8वीं पुण्यतिथि श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। खानपुर रोड स्थित अंबेडकर भवन के समीप बने शहीद स्मारक पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा में उनकी पत्नी अंजना मीणा, पुत्री आरवी, सैनिकों, पूर्व सैनिकों, शहीद परिवारों और बड़ी संख्या में नागरिकों ने पुष्पांजलि अर्पित कर वीर सपूत के सर्वोच्च बलिदान को नमन किया। इस दौरान पौधारोपण भी किया गया और अतिथियों व शहीद परिवारों को पौधे भेंट कर सम्मानित किया गया। पत्नी-बेटी ने दी श्रद्धांजलि, जुटे सैनिक और नागरिक श्रद्धांजलि सभा में शहीद की पत्नी अंजना मीणा और पुत्री आरवी ने स्मारक पर पुष्प अर्पित किए। झालावाड़ सहित विभिन्न स्थानों से पहुंचे लोगों ने भी शहीद को श्रद्धासुमन अर्पित किए। कार्यक्रम में नागा रेजीमेंट के सदस्य, पूर्व सैनिक, सामाजिक कार्यकर्ता और शहर के गणमान्य नागरिक भी शामिल हुए। 'राजस्थान वीरों की धरती है' समारोह के मुख्य अतिथि जिला सैनिक कल्याण अधिकारी बीसीएस शेखावत ने श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद कहा कि राजस्थान वीर योद्धाओं की धरती है और देश के लगभग हर युद्ध में यहां के सैनिकों का योगदान गौरवपूर्ण रहा है। उन्होंने कहा कि शहीद मुकुट बिहारी मीणा जैसे सैनिकों ने अपने कर्तव्य को सर्वोपरि रखते हुए राष्ट्र की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया। ऐसे वीरों से युवाओं को देशसेवा की प्रेरणा लेनी चाहिए। उन्होंने शहीद परिवारों को नमन करते हुए कहा कि उनके त्याग और समर्पण को हमेशा याद रखा जाएगा। पौधारोपण कर दिया सेवा और स्मृति का संदेश कार्यक्रम के दौरान शहीद की स्मृति में पौधारोपण किया गया। अतिथियों, सहयोगियों और अन्य शहीद परिवारों को पौधे भेंट कर सम्मानित किया गया। अंत में शहीद की धर्मपत्नी अंजना मीणा ने सभी उपस्थित लोगों का आभार व्यक्त किया। आतंकियों से मुठभेड़ में दिया था सर्वोच्च बलिदान आर्मी कमांडो मुकुट बिहारी मीणा खानपुर क्षेत्र के लडानिया गांव के निवासी थे। जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर स्थित कुपवाड़ा के जंगलों में आतंकियों की तलाश के लिए चलाए गए सर्च ऑपरेशन के दौरान उनकी आतंकवादियों से मुठभेड़ हुई। देश की रक्षा करते हुए उन्होंने बहादुरी से आतंकियों का मुकाबला किया और वीरगति को प्राप्त हुए। उनका बलिदान आज भी क्षेत्र के युवाओं के लिए देशभक्ति और कर्तव्यनिष्ठा की प्रेरणा बना हुआ है। पूर्व सैनिकों की समस्याओं के समाधान के लिए शिविर पूर्व सैनिकों, वीर नारियों और उनके आश्रितों की समस्याओं के समाधान के लिए सैनिक विश्राम गृह, झालावाड़ में समस्या समाधान शिविर आयोजित किया गया। शिविर में पेंशन, पारिवारिक पेंशन, ईसीएचएस, सीएसडी, रिकॉर्ड, अनुदान और आश्रितों से जुड़े मामलों की सुनवाई कर समाधान किया गया। जिला सैनिक कल्याण अधिकारी कमांडर बी.सी.एस. शेखावत ने कहा कि अधिकतम मामलों का निस्तारण झालावाड़ में ही कराया जाएगा, ताकि पूर्व सैनिकों को अन्य स्थानों की यात्रा नहीं करनी पड़े। कार्यक्रम के दौरान परिसर में पौधरोपण भी किया गया।