अजमेर के जवाहर लाल नेहरु(JLN) हॉस्पिटल में एक ऐसी बीमारी का बिना ऑपरेशन किए इलाज किया गया है, जिसमें पैरों की नसें फूल जाती है। डॉक्टर्स ने वेनासील सर्जरी के जरिए वैरिकाज वेंस नाम की बीमारी का सफल इलाज किया गया। डॉक्टर्स ने मरीज के पैरों की फूली हुई नसों का बिना चीर फाड़ किए ही ऑपरेशन किया, जिसके बाद मरीज पूरी तरह से स्वस्थ है। मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. अनिल सामरिया, हॉस्पिटल सुपरिडेंट डॉ. अरविंद खरे और डिप्टी सुपरिडेंट डॉ. अमित यादव ने बताया कि इस तरह की मशीन से अजमेर संभाग में यह प्रथम बार ऑपरेशन हुआ है। इस ऑपरेशन का खर्चा करीब 5 लाख रुपए होता है। वेनासील मशीन द्वारा मां योजना में निशुल्क किया गया। इसमें करीब आधा घंटे का समय लगा। जेएलएन अस्पताल के लेप्रोस्कोपिक एवं लेजर सर्जन डॉ.भागचंद खोरवाल ने बताया कि 54 वर्षीय मरीज वैरिकोज वेंस विथ अल्सर के साथ ओपीडी में भर्ती हुआ। मरीज की सभी तरह की ऑपरेशन के पहले जांचें करवाई गई, इसके बाद ऑपरेशन करने का निर्णय लिया गया। ऑपरेशन सीनियर प्रोफेसर डॉ. श्याम भूतड़ा, डॉ. शिव कुमार बुनकर और डॉ. रेखा माहेश्वरी के निर्देशन में किया गया। ऑपरेशन करने वाली टीम में डॉ. करण, डॉ.वैभव, निश्चेतन विभाग के डॉ.पूजा माथुर, डॉ. रतन यादव एवं रेडियोलॉजी विभाग के डॉ. देवराज एवं डॉ.अनिता समेत नर्सिंग स्टाफ गीता एवं सपना का सहयोग रहा। क्या है वेनासील सर्जरी डॉ. भागचंद खोरवाल ने बताया कि यह एक अत्याधुनिक और मिनिमल इनवेसिव तकनीक है, इसमें पारंपरिक सर्जरी या लेजर के विपरीत फुली हुई नसों को बंद करने के लिए एक विशेष प्रकार का मेडिकेटेड ग्लू का उपयोग किया जाता है। इसमें एक सुई को नसों में डालने के बाद ग्लू डिस्पेन्सर कैथेटर को प्रभावित नस में डालकर डॉपलर सोनोग्राफी की मदद से ग्लू इंजेक्ट करते है, जिससे वह नस को तुरंत सील कर देता है। वेनासील सर्जरी के लाभ वेनासील सर्जरी में दर्द कम होता है। लेजर और RFA उपचार की तरह हीट का उपयोग नहीं होता है, इसलिए जलने या आसपास की नसों का डैमेज होने का जोखिम नहीं होता है। सर्जरी के बाद ड्रेसिंग और स्टॉकिंग की जरूरत नहीं पड़ती है। क्या है वैरिकाज वेंस बीमारी इसमें पैर की खून की नसें फूल जाती और टेढ़ी-मेढ़ी हो जाती है। यह बीमारी आमतौर पर ज्यादा खड़े रहने वालों को होती है। मुख्य लक्षण की बात करें तो इसमें नसों का फूलना, पैरों में भारीपन, सूजन, कालापन और ब्लीडिंग एवं अल्सर होना है। ……….. पढें ये खबर भी… अश्लील पोस्ट मामले में भाजपा जिलाध्यक्ष की जांच की मांग:कांग्रेस नेता के रिश्तेदारों ने एसपी को दी शिकायत, कहा- पोस्ट व री-पोस्ट बराबर अपराध कांग्रेस नेता पीयूष सुराणा की ओर से अश्लील पोस्ट अपलोड किए जाने के मामले में अब भाजपा जिलाध्यक्ष रमेश सोनी के खिलाफ जांच की मांग की गई है। भाजपा शहर जिलाध्यक्ष की ओर से अश्लील पोस्ट को री-पोस्ट करने के मामले में कांग्रेस नेता के परिजन व मित्रों ने एसपी को शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना रहा कि पोस्ट करना और ऐसी पोस्ट को शेयर करना भी अपराध की श्रेणी में आता है। (पूरी खबर पढ़ें…)