जोधपुर शहर में ठगों ने अब बुजुर्गों को निशाना बनाने का नया तरीका निकाला है। बनाड़ पुलिस थाना क्षेत्र स्थित सारण नगर सी रोड निवासी रिटायर्ड अकाउंट ऑफिसर जयराम राठौड़ (65) ठगी का शिकार हो गए। ठगों ने उन्हें झांसे में लेकर उनके खाते से 1 लाख रुपए ट्रांसफर करवा लिए। ठगी का पता चलने के बाद बुजुर्ग ने 1930 नंबर पर कॉल कर जानकारी दी। जिसके बाद जीरो नंबर की FIR दर्ज हुई, जिसे जयपुर साइबर पोर्टल से बनाड़ थाने में भेजी गई। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है। पुराना दोस्त बनकर ठगे 1 लाख पीड़ित ने पुलिस रिपोर्ट में बताया कि उनके पास 24 जुलाई को एक व्यक्ति का फोन आया,जिसकी आवाज हूबहू उनके दोस्त से मिलती थी। व्यक्ति ने खुद को पीड़ित जयराम का दोस्त बताया और कहा कि उनकी बेटी की हालत बहुत ज्यादा खराब है और वह जयपुर के अस्पताल में भर्ती है। उसे बेटी के इलाज के लिए 1 लाख रुपए की जरूरत है, जो उसके अकाउंट से ट्रांसफर नहीं हो रहे हैं। आरोपी ने कहा कि मैं तुम्हारे अकाउंट में ट्रांसफर कर देता हूं तुम डॉक्टर के अकाउंट में ट्रांसफर कर देना। इस पर पीड़ित के पास 1 लाख रुपए उनते खाते में जमा होने का मैसेज आता है लेकिन खाते में पैसे नहीं आते। बिना खाता चेक किए पीड़ित ने आरोपी के खाते में 1 लाख रुपए ट्रांसफर कर दिए। लेकिन जैसे ही उन्होंने अपना खाता चेक किया तो उसके कोई ट्रांजैक्शन नहीं दिखाई दिया। तो उन्हें ठगी का एहसास हुआ। पहले तो पीड़ित ने अपने दोस्त को फोन किया और इस घटना के बारे में पूछा, तो दोस्त ने कहा कि उन्होंने तो उसे फोन किया ही नहीं था। पीड़ित का कहना है कि आरोपी ने उनके खाते में 3 किस्तों में पैसे जमा किए थे। उनके फोन पर 3 मैसेज आए थे। ठगी का एहसास होने पर पीड़ित ने साइबर पुलिस को कॉल कर जानकारी दी। जयपुर साइबर स्टेशन से पुलिस ने मामला दर्ज कर बनाड़ थाना पुलिस को केस ट्रांसफर किया गया। फिलहाल पुलिस पुरे मामले की जांच कर रही है। साइबर ठगी का नया तरीका अपना रहे बदमाश थाना अधिकारी ईश्वरचंद्र पारीक ने बताया कि आजकल साइबर अपराधी बुजुर्गों और आम जनता को निशाना बनाने के लिए ठगी का नया तरीका अपना रहे हैं। ठग अनजान नंबरों से कॉल करके पहले दोस्ती या जान-पहचान बढ़ाते हैं और फिर एक नकली मैसेज भेजकर दावा करते हैं कि उन्होंने आपके बैंक खाते में पैसे डाल दिए हैं। इसके बाद वे धोखे से वह रकम अपने बताए खाते में ट्रांसफर करवा लेते हैं।