जोधपुर में हिन्दू सेवा मण्डल द्वारा मारवाड़ के कुंभ कही जाने वाली भोगीशैल परिक्रमा यात्रा-2026 का आयोजन 25 से 31 मई तक किया जाएगा। परिक्रमा कार्यक्रम के सफल संचालन के लिए आयोजन समिति का गठन कर दिया गया है। इस बार भोगीशैल परिक्रमा-2026 के लिए हिन्दू सेवा मण्डल ने नरेश जाजडा को संयोजक, विष्णुचन्द्र प्रजापत को सचिव, कैलाश जाजू को कोषाध्यक्ष और राकेश गौड़ को मुख्य मेला व्यवस्थापक के रूप में सर्वसम्मति से मनोनीत किया है। आयोजन समिति का लक्ष्य देश के विभिन्न प्रांतों से आने वाले हजारों श्रद्धालुओं को अधिक से अधिक सुविधा और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना है। यात्रा के दौरान सात दिन में जोधपुर शहर और आसपास की पहाड़ियों के लगभग 100 किलोमीटर से अधिक मार्ग की परिक्रमा की जाती है, जिसे चार धाम यात्रा के समान पुण्यदायक माना जाता है। दुर्गम पहाड़ियों, कंटीले रास्तों और प्राचीन मंदिरों के दर्शन के बीच हिन्दू सेवा मण्डल के सैकड़ों स्वयंसेवक अनुशासन, सुरक्षा, भोजन, चिकित्सा और रात्रि विश्राम की व्यवस्थाएं संभालते हैं। मथुरा गोवर्धन की 21 और 84 कोस की परिक्रमा के तहत 110 किमी की पौराणिक और धार्मिक महत्व की इस परिक्रमा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं। सचिव विष्णुचंद प्रजापति ने बताया कि परिक्रमा में शामिल होने वाले श्रद्धालु प्राचीन जलकुंडों में स्नान कर पुण्य लाभ अर्जित करेंगे। परिक्रमा में जिला प्रशासन के अलावा स्वयंसेवी संस्थाओं, भामाशाहों और धार्मिक संगठनों का भी सहयोग रहता है। इस परिक्रमा का उल्लेख स्कंद पुराण में भी मिलता है। पहले लोग अपने सिर पर राशन की सामग्री लेकर परिक्रमा करते थे। मान्यता है कि अधिक मास में दान, पुण्य और अपने शरीर को कष्ट देकर की गई तपस्या का फल मिलता है। आज से लगभग 100 साल पहले 1926 में हिंदू सेवा मंडल के 50 कार्यकर्ताओं के साथ इस परिक्रमा की शुरुआत की गई थी। तब से लेकर आज तक इसका संचालन हिंदू सेवा मंडल ही करता आया है।