जोधपुर में एक डॉक्टर को दूसरे की जमीन दिखाकर और फर्जी रसीद बनाकर 2 लाख रुपए की धोखाधड़ी की गई। आरोपियों ने 31.50 लाख रुपए प्रति बीघा के हिसाब से 2.5 बीघा कृषि भूमि का सौदा किया और दो लाख रुपए एडवांस ले लिए। बाद में जमीन के कागज मांगे तो आरोपी टालने लगे। इस पर पीड़ित ने जमाबंदी निकाली तो मामले का खुलासा हुआ। बोरानाडा थाना पुलिस में एयरफोर्स जोधपुर निवासी परिवादी डॉ. एचपी गौड़ (67) पुत्र मदनलाल ने राजेश गौड़, तिलोकचंद और जीयाराम के खिलाफ बुधवार को रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी और आपराधिक विश्वासघात की धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू की है। 2.5 बीघा कृषि भूमि का किया था सौदा परिवादी ने बताया- उनके परिचित आरोपी बोरानाडा सुमेर नगर निवासी राजेश गौड़ ने नारनाडी गांव में एक जमीन खरीदने का प्रस्ताव रखा था। परिचित होने की वजह से डॉ. गौड़ ने उस पर विश्वास किया। इसके बाद खसरा नंबर 753/476 और 771/749 की कुल 2.5 बीघा कृषि भूमि का सौदा 31 लाख 50 हजार रुपए प्रति बीघा के हिसाब से कुल 78 लाख 75 हजार रुपए में तय हुआ। 3 दिसंबर 2024 को आरोपियों के कहने पर परिवादी ने 2 लाख रुपए बतौर एडवांस दे दिए। यह रसीद नारनाडी निवासी तिलोकचंद पुत्र रतिराम और ग्राम नारनाडी निवासी जीयाराम जाट पुत्र मानाराम के घर पर लिखी गई। इस पर राजेश गौड़ ने गवाही (साख) दी थी। खसरा नंबर से जमाबंदी निकलवाई तो खुली पोल एफआईआर के अनुसार- आरोपियों ने भरोसा दिलाया था कि जमीन उनकी ही है और 9 दिसंबर 2024 तक बकाया रकम देने पर वे रजिस्ट्री करवा देंगे। जब तय तारीख से पहले परिवादी ने रकम तैयार होने की बात कहकर जमीन के कागजात दिखाने को कहा तो आरोपी टालमटोल करने लगे। शक होने पर परिवादी ने खुद राजस्व रिकॉर्ड (जमाबंदी) निकलवाकर जांच की तो पता चला कि उस जमीन की असली मालिक सीमा लूणावत पत्नी लखीचंद लूणावत है। राजस्व रिकॉर्ड में तीनों में से किसी भी आरोपी का नाम नहीं था। आरोपियों ने जाली रसीद बनाकर परिवादी से 2 लाख रुपए हड़प लिए। परिवादी ने आरोप लगाया कि शिकायत के बाद भी FIR दर्ज नहीं होने पर कोर्ट में इस्तगासा दायर किया। कोर्ट के आदेश पर अब बोरानाडा पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी और विश्वासघात से जुड़ी धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। मामले की विस्तृत जांच एएसआई मनोहरलाल को सौंपी गई है।