प्रसूताओं की मौत के बाद अब जोधपुर में गर्भवती महिलाओं की मौत का मामला सामने आया है। पिछले 48 घंटे में दो गर्भवती महिलाओं की जान गई है। इसमें एक की मौत 27 की रात और दूसरी की मौत 28 जुलाई की रात को हुई थी। दोनों पाली जिले से रेफर होकर जोधपुर के मथुरादास माथुर हॉस्पिटल में आई थी। एक गर्भवती महिला को सांस लेने में दिक्कत थी। लंग्स में ट्यूमर था। वहीं दूसरी गर्भवती महिला को पीलिया था और काफी ब्लीडिंग हो रही थी। वहीं जोधपुर में 9 दिन पहले भी दो प्रसूताओं की मौत हुई थी। ये दोनों भी रेफर होकर आई थीं। पांच महीने की गर्भवती के थूक में आ रहा था खून डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. बीएस जोधा ने बताया- पाली जिले से चिड़िया और फैंसी नाम की दो महिलाओं को एमडीएम के लिए रेफर किया गया था। डॉ. जोधा ने बताया- गर्भवती चिड़िया पांच महीने की गर्भवती थी। जब उसे लेकर आए तो उसे सांस लेने में दिक्कत हो रही थी। साथ ही उसके थूक में खून आ रहा था। जब जांच की तो सामने आया कि लंग्स में ट्यूमर निकला। इस पर महिला चिड़िया को वेंटिलेटर पर लिया गया। इसके बाद मंगलवार रात 12 बजे उसकी मौत हो गई। पाली से रेफर होकर आई गर्भवती को पीलिया था डॉ. बीएस जोधा ने बताया- गर्भवती महिला फैंसी पाली से रेफर होकर आई थी। वह 9 महीने की गर्भवती थी। जब जांच की तो पता चला कि गर्भ में पल रहे बच्चे की फीटल इको में कुछ नहीं आ रहा था। बच्चे की गर्भ में ही मौत हो गई थी। महिला फैंसी का 24 जुलाई से एमडीएम में इलाज चल रहा था। उसे पीलिया भी था और काफी ब्लीडिंग भी हो रही थी। उसे वेंटिलेटर पर रखा गया था। इसे खून और प्लाज्मा भी चढ़ाया गया था। 28 जुलाई की देर रात उसकी मौत हो गई। अब तक चार की जा चुकी जान जोधपुर में अब तक दो प्रसूताओं और दो गर्भवती महिलाओं की मौत हो चुकी है। 9 दिन पहले भी 24 घंटे में दो प्रसूताओं की मौत हो गई थी। ये दोनों भी रेफर होकर आई थी। अब इन दो गर्भवती महिलाओं की भी मौत हुई है। इनमें तीन की मौत मथुरादास माथुर हॉस्पिटल में हुई है, जबकि एक ने महात्मा गांधी हॉस्पिटल में दम तोड़ा है। इसके अलावा बाड़मेर से रेफर होकर आई एक प्रसूता वेंटिलेटर पर है। जब उसे यहां रेफर किया गया था तो हीमोग्लोबिन ढाई ग्राम ही था।