अब कैंसर के इलाज के लिए मरीजों को दिल्ली, जयपुर, अहमदाबाद या दूसरे बड़े शहरों में जाने की जरूरत नहीं होगी। जोधपुर में पाली रोड स्थित जीत मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (जेएमसीएच) में अत्याधुनिक रेडियोथेरेपी लीनेक (LINAC) मशीन 'ट्रू बीम' (True Beam) लगाई गई है। ट्रू बीम का यह एचडीएमएलसी 6डी काउच रेस्पिरेटरी गेटिंग वेरिएंट है। हॉस्पिटल प्रशासन का दावा है कि करीब 33 करोड़ रुपये की लागत से पश्चिमी राजस्थान के निजी चिकित्सा क्षेत्र में इस लीनेक मशीन का सेटअप पहली बार किया गया है, जो मारवाड़ क्षेत्र के कैंसर रोगियों के लिए मील का पत्थर साबित होगी। 30 बार के चक्कर से मुक्ति: अब सिर्फ एक थेरेपी में खत्म होगा ब्रेन ट्यूमर मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. दीपक वर्मा ने बताया कि ब्रेन ट्यूमर के मामलों में जहां सामान्य मशीनों से मरीजों को करीब 30 बार रेडियोथेरेपी के चक्कर काटने पड़ते थे, वहीं इस अत्याधुनिक 'ट्रू बीम' मशीन के जरिए यह पूरी प्रक्रिया सिर्फ एक बार की थेरेपी से ही पूरी की जा सकेगी। इससे मरीजों को इलाज की लंबी और थका देने वाली प्रक्रिया से हमेशा के लिए मुक्ति मिल जाएगी। इसके अलावा, शरीर के अन्य ट्यूमर्स के इलाज में भी इस मशीन के जरिए बहुत ही कम समय में बेहद प्रभावी और सकारात्मक परिणाम देखने को मिलते हैं। इसे विशेष रूप से अत्यधिक सटीक इमेज-गाइडेड रेडियोथेरेपी (IGRT), स्टीरियोटैक्टिक रेडियोसर्जरी (SRS) और स्टीरियोटैक्टिक बॉडी रेडियोथेरेपी (SBRT) के लिए ही डिजाइन किया गया है। स्वस्थ अंगों को नुकसान पहुंचाए बिना ट्यूमर का खात्मा इस मशीन की सबसे बड़ी खूबी इसकी अचूक सटीकता (Precision) है। जेएमसीएच के चेयरमैन मयंक सिंघी और डॉ. वर्मा के अनुसार, इस मशीन में लगी सिर्फ 2.5 मिलीमीटर चौड़ाई वाली 'सेंट्रल लीव्ज' बहुत छोटे या अजीब आकार के ट्यूमर का भी बेहद बारीकी से इलाज कर सकती हैं। यह रेडिएशन बीम को ट्यूमर के आकार के अनुसार बिल्कुल सटीक ढाल लेती है, जिससे आस-पास के स्वस्थ अंगों को रेडिएशन का कोई नुकसान नहीं पहुंचता। यही कारण है कि यह मशीन ब्रेन ट्यूमर, स्पाइनल ट्यूमर, फेफड़ों की गांठ, लिवर के घाव, प्रोस्टेट, सिर और गर्दन के कैंसर के इलाज के लिए सबसे बेहतरीन विकल्प है। इसके अलावा, जिन मरीजों को दोबारा रेडिएशन (Re-irradiation) की जरूरत होती है, उनके लिए भी यह तकनीक वरदान साबित होगी क्योंकि यह एक ही केंद्र (Isocenter) से शरीर के कई छोटे घावों का एक साथ इलाज करने की क्षमता रखती है। सरकारी योजनाओं में मुफ्त इलाज और नई मशीन का भव्य शुभारंभ अस्पताल प्रशासन ने बताया कि जेएमसीएच में पहले से ही एक अन्य आधुनिक रेडियोथेरेपी मशीन 'हैल्स्योन' (Halcyon) कार्यरत है, जिसके जरिए रोजाना करीब 125 कैंसर पीड़ितों को थेरेपी दी जा रही है। राहत की बात यह है कि इनमें से अधिकांश मरीजों का इलाज विभिन्न सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं के तहत पूरी तरह से निशुल्क (Free) किया जा रहा है। इस नई और क्रांतिकारी 'ट्रू बीम' मशीन का भव्य उद्घाटन शनिवार को किया गया, जिसमें चेयरपर्सन शशिकांत सिंघी, चेयरमैन मयंक सिंघी, प्रिंसिपल एवं कंट्रोलर डॉ. दीपक वर्मा और रेडिएशन ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. प्रतीक डागा ने रिबन काटकर इसे मारवाड़ के कैंसर रोगियों की सेवा में समर्पित किया।