जोधपुर में ट्रेन रवाना होने से महज पांच मिनट पहले शराब की खेप पकड़ी गई। आरपीएफ टीम ने 5 बैग में छिपाकर रखी गईं अलग-अलग कंपनी की 97 बोतलें बरामद की। शराब को गुजरात में बेचने के लिए ले जाया जा रहा था। ट्रेन के रवाना होने से ठीक पहले हुई इस कार्रवाई से शराब तस्करी का मामला सामने आया। जोधपुर मंडल की आरपीएफ टीम ने ये कार्रवाई सोमवार रात की थी। हड़पसर सुपरफास्ट एक्सप्रेस के एसी कोच में सीट के नीचे इन बैग को रखा गया था। 5 मिनट में रवाना होने वाली ट्रेन उत्तर पश्चिम रेलवे के जोधपुर मंडल के वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त नीतीश शर्मा ने बताया कि यह कार्रवाई महानिरीक्षक सह प्रधान मुख्य सुरक्षा आयुक्त(आरपीएफ) ज्योति कुमार सतीजा और मंडल रेल प्रबंधक अनुराग त्रिपाठी के निर्देश पर चलाए जा रहे ऑपरेशन सतर्क और नशामुक्त भारत अभियान के तहत की गई। टीम ने कार्रवाई करते हुए 1 लाख 3 हजार 150 रुपए की शराब बरामद की और आरोपी को पकड़कर जीआरपी को सौंप दिया। जीआरपी की ओर से रखी जा रही थी गुप्त निगरानी उन्होंने बताया कि सोमवार रात करीब 9:55 बजे ये कार्रवाई ट्रेन संख्या 20495 जोधपुर-हड़पसर सुपरफास्ट एक्सप्रेस में की गई थी। ट्रेन रवाना होने से पहले गुप्त निगरानी रखी जा रही थी। इस दौरान टास्क टीम के एएसआई अशोक कुमार, हेड कॉन्स्टेबल संजय विश्नोई और कॉन्स्टेबल मनीष को ए-1 कोच में सीट नंबर 17 के नीचे 5 बैग रखे मिले। तलाशी में 750 एमएल की 97 बोतलें बरामद हुईं। बोतलों पर ‘सेल फॉर इन राजस्थान’ अंकित था। यात्रियों से पूछताछ के दौरान कमल किशोर सोनी (36), निवासी गुढ़ा कलां, जिला पाली ने बताया कि ये बैग उसके हैं। साबरमती में बेचने के लिए ले जाई रही थी शराब उसने पूछताछ में बताया कि शराब साबरमती गुजरात में बेचने के लिए ले जा रहा था। उसके पास शराब परिवहन का वैध परमिट या लाइसेंस और रेल यात्रा का वैध टिकट भी नहीं मिला। इस पर आरपीएफ ने जीआरपी कंट्रोल को सूचना दी। इसके बाद एएसआई भोमाराम प्लेटफॉर्म नंबर 4 पर पहुंचे और शराब को जब्त किया गया। मामले की जांच हेड कॉन्स्टेबल मुन्नालाल कर रहे हैं।