खेत में बिजली का खंभा लगाने के दौरान दंपती पर धारदार हथियारों से जानलेवा हमला करने के मामले में करौली की अपर सेशन कोर्ट ने दो आरोपियों को 10-10 साल के साधारण कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने दोनों पर अलग-अलग धाराओं में कुल 26 हजार 500 रुपए जुर्माना भी लगाया है। जुर्माने की राशि में से 40 हजार रुपए पीड़ित दंपती को बतौर प्रतिकर देने के आदेश दिए हैं। कुएं के पास खंभा लगा रहे थे दंपती, तभी किया हमला अपर लोक अभियोजक मिथलेश पाल ने बताया कि घटना 30 नवंबर 2022 की है। विलासी और उनके पति तुलसीराम अपने खेत में कुएं के पास बिजली का खंभा लगा रहे थे। इसी दौरान रामनरेश उर्फ नरेश और किशनलाल उर्फ किन्नू ने उन पर धारदार हथियारों से हमला कर दिया। हमले में तुलसीराम के सिर पर गंभीर चोट आई और वे बेहोश हो गए। वहीं, विलासी के सिर और शरीर के अन्य हिस्सों में भी चोटें आई थीं। पुलिस ने जांच के बाद पेश किया आरोप-पत्र घटना के संबंध में सपोटरा थाने में एफआईआर संख्या 486/2022 दर्ज की गई थी। पुलिस ने मामले की जांच के बाद दोनों आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में आरोप-पत्र पेश किया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने 11 गवाहों के बयान दर्ज करवाए। इसके अलावा घायलों के इलाज से जुड़े दस्तावेज, अन्य कागजात, तुलसीराम और विलासी के बयान तथा हथियारों की बरामदगी को भी साक्ष्य के रूप में पेश किया गया। धारा 307 सहित चार धाराओं में दोषी करार पीठासीन अधिकारी हरिमोहन मीना ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर दोनों आरोपियों को भारतीय दंड संहिता की धारा 341, 323/34, 325/34 और 307/34 के तहत दोषी माना। हालांकि, कोर्ट ने दोनों को धारा 504 के आरोप से दोषमुक्त कर दिया। सभी सजाएं साथ चलेंगी, अधिकतम 10 साल जेल कोर्ट ने दोनों आरोपियों को अलग-अलग धाराओं में एक महीने से लेकर 10 साल तक के साधारण कारावास की सजा सुनाई। सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी, इसलिए दोनों आरोपियों को अधिकतम 10 साल जेल में रहना होगा। कोर्ट ने जुर्माने की राशि में से 30 हजार रुपए तुलसीराम और 10 हजार रुपए विलासी को देने के आदेश दिए हैं।