करौली में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से शनिवार को आयोजित विशेष लोक अदालत में एनआई एक्ट (चेक अनादरण) के 116 मामलों का आपसी समझौते के आधार पर निस्तारण किया गया। इन मामलों में कुल 2 करोड़ 75 लाख 44 हजार 832 रुपए के अवार्ड पारित किए गए। अदालत में जिले के विभिन्न न्यायालयों में लंबित 1,257 मामलों को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया गया था। राज्य प्राधिकरण के निर्देश पर आयोजन यह विशेष लोक अदालत राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के निर्देशानुसार तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं जिला एवं सेशन न्यायाधीश अरुण कुमार बैरीवाल के निर्देशन में आयोजित की गई। इसका उद्देश्य चेक अनादरण के लंबित मामलों का त्वरित, सौहार्दपूर्ण और प्रभावी समाधान सुनिश्चित करना था। जिलेभर में सात लोक अदालत बेंचों का गठन विशेष लोक अदालत के लिए जिलेभर में सात बेंचों का गठन किया गया। करौली मुख्यालय पर दो बेंचें बनाई गईं, जबकि हिण्डौन सिटी, श्रीमहावीरजी, टोडाभीम, सपोटरा और नादौती में एक-एक बेंच गठित की गई। इन न्यायिक अधिकारियों ने संभाली जिम्मेदारी करौली मुख्यालय की पहली बेंच की अध्यक्षता मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सुश्री श्वेता भारद्वाज ने की, जबकि दूसरी बेंच की अध्यक्षता अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट देवेन्द्र कुमार ने संभाली। दोनों बेंचों में क्रमशः हीना अंजुम और दीपक राज मीणा सदस्य के रूप में शामिल रहे। त्वरित और सौहार्दपूर्ण समाधान पर जोर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अनुसार, विशेष लोक अदालत का उद्देश्य लंबित मामलों का आपसी सहमति से शीघ्र निस्तारण कर पक्षकारों को समयबद्ध न्याय उपलब्ध कराना और न्यायालयों में लंबित मामलों का बोझ कम करना था।