करौली में अखिल विश्व गायत्री परिवार ने रविवार को गायत्री शक्तिपीठ में नारी जागरण सम्मेलन और कन्या कौशल शिविर का आयोजन किया। 'सशक्त नारी, सुसंस्कृत परिवार और समुन्नत राष्ट्र' की थीम पर हुए इस सम्मेलन में करौली के साथ हिंडौन, सपोटरा, नदबई, अलवर और भरतपुर क्षेत्र से सैकड़ों महिलाओं ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम में महिलाओं और बेटियों को जागरूकता, आत्मनिर्भरता, संस्कार, कौशल विकास और पारिवारिक मूल्यों से जुड़ने का संदेश दिया गया। कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि डॉ. संतोष गुप्ता, डॉ. लीना शर्मा, अर्चना शर्मा और डॉ. मिथिलेश गुप्ता ने गायत्री माता के चित्र के सामने दीप जलाकर की। इस दौरान महिला सशक्तिकरण और बेटियों के कौशल विकास से जुड़े अलग-अलग विषयों पर चर्चा हुई। गायत्री परिवार की सदस्य रेखा वर्मा और रेखा गोयनका ने बताया कि शांतिकुंज से आईं मुख्य वक्ता गायत्री कचोलिया ने भजनों और प्रेरणादायक बातों से महिलाओं और बेटियों को जागरूक, आत्मनिर्भर और संस्कारवान बनने का संदेश दिया। मानसरोवर जयपुर स्थित वेदना निवारण केंद्र से आईं ललिता ने सनातन धर्म, यज्ञ और पारिवारिक संस्कारों से जुड़ने की अपील की। वहीं, जयपुर से आईं ममता बंसल ने बलिवैश्वदेव यज्ञ के जरिए परिवार में सुख, शांति और सकारात्मक माहौल बनाए रखने के बारे में बताया। गायत्री शक्तिपीठ की प्रांत प्रभारी रेखा वर्मा ने बताया कि सम्मेलन का मुख्य मकसद महिलाओं को जागरूक करना और बेटियों के कौशल विकास को बढ़ावा देना था। कार्यक्रम के दौरान महिलाओं को परिवार और समाज के विकास में उनकी भूमिका के प्रति जागरूक किया गया। इस सम्मेलन में अलग-अलग क्षेत्रों से आईं महिलाओं ने जोश के साथ भाग लिया। कार्यक्रम का समापन एक प्रेरणादायक माहौल में हुआ।