करौली के सामान्य चिकित्सालय में मंगलवार को अंतरराष्ट्रीय नर्सिंग दिवस मनाया गया। यह आयोजन फ्लोरेंस नाइटिंगेल के जन्मदिवस के अवसर पर किया गया, जिसमें चिकित्सा अधिकारियों और नर्सिंग स्टाफ ने उनके जीवन, सेवा भावना और आधुनिक नर्सिंग में योगदान को याद किया। वक्ताओं ने नर्सों की भूमिका को मानव सेवा का महत्वपूर्ण आधार बताया। कार्यक्रम में प्रमुख चिकित्सा अधिकारी डॉ. रामकेश मीणा, नर्सिंग अधीक्षक जयसिंह मीणा और राघवेंद्र शुक्ला ने फ्लोरेंस नाइटिंगेल की जीवनी पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि फ्लोरेंस नाइटिंगेल को आधुनिक नर्सिंग की जननी माना जाता है। उन्होंने युद्ध के दौरान घायल सैनिकों की सेवा करके नर्सिंग पेशे को एक नई पहचान दी। फ्लोरेंस नाइटिंगेल ने स्वच्छता, अनुशासन और रोगियों की समुचित देखभाल के माध्यम से चिकित्सा क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण सुधार किए। उनके इस योगदान की स्मृति में प्रतिवर्ष 12 मई को अंतरराष्ट्रीय नर्सिंग दिवस मनाया जाता है। वक्ताओं ने बताया कि नर्सें केवल मरीजों का उपचार ही नहीं करतीं, बल्कि उन्हें मानसिक संबल और आशा भी प्रदान करती हैं। नर्सिंग सेवा को मानवता, समर्पण और करुणा का प्रतीक बताया गया। फ्लोरेंस नाइटिंगेल का जीवन आज भी सेवा और मानव कल्याण के लिए प्रेरणा का स्रोत है। इस अवसर पर डिप्टी कंट्रोलर डॉ. ऋषि राज शर्मा, प्रमुख चिकित्सक डॉ. सुशील मीणा, मुनेशी मीणा, नीरज शर्मा, संदीप शर्मा, शिवराज मीणा, मुकुट बिहारी शर्मा, मुकेश गर्ग, गणेश मीणा सहित बड़ी संख्या में नर्सिंग अधिकारी और चिकित्साकर्मी उपस्थित थे।