करौली जिले को विश्व जनसंख्या दिवस पर जनसंख्या स्थिरता और परिवार नियोजन कार्यक्रमों में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए राज्यस्तरीय सम्मान से नवाजा गया। वर्ष 2025-26 के प्रोत्साहन पुरस्कारों में जिले ने प्रदेश में 12वां स्थान प्राप्त किया। इसके साथ ही, करौली प्रोत्साहन राशि प्राप्त करने वाले जिलों में चौथे स्थान पर रहा और राज्य सरकार ने जिले को प्रशस्ति पत्र के साथ 5 लाख रुपए की प्रोत्साहन राशि प्रदान की। यह पुरस्कार चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण सेवाएं निदेशालय द्वारा आयोजित राज्यस्तरीय वर्चुअल सम्मान समारोह में प्रदान किया गया। जिला मुख्यालय पर आयोजित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अतिरिक्त जिला कलेक्टर महावीर सिंह, डिप्टी सीएमएचओ (हेल्थ) डॉ. ओमप्रकाश महावर और आरसीएचओ डॉ. दीपिका मीणा सहित चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने समारोह में भाग लिया। समारोह को संबोधित करते हुए प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ ने स्वास्थ्य कर्मियों की भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहा कि योग्य दंपतियों तक परिवार नियोजन सेवाओं की प्रभावी पहुंच सुनिश्चित करने में स्वास्थ्य कर्मियों का योगदान महत्वपूर्ण है। राठौड़ ने यह भी बताया कि परिवार नियोजन के क्षेत्र में लगातार प्रयासों के कारण एनएफएचएस-6 सर्वेक्षण में राजस्थान का प्रदर्शन बेहतर हुआ है। उन्होंने विभागीय संसाधनों के बेहतर उपयोग और सेवाओं की गुणवत्ता बढ़ाने पर भी जोर दिया। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के मिशन निदेशक डॉ. जोगाराम ने परिवार नियोजन के साधनों की उपलब्धता और जनजागरूकता बढ़ाकर जनसंख्या स्थिरता को मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया। आरसीएच निदेशक डॉ. मधु रेतेश्वर ने कार्यक्रम के बारे में विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. सतीश चंद मीणा ने बताया कि राज्यस्तरीय पुरस्कारों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले जिलों, स्वास्थ्य संस्थानों और अधिकारियों को सम्मानित किया गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि करौली जिले ने प्रदेश में 12वां स्थान प्राप्त किया है, जबकि 5 लाख रुपए की प्रोत्साहन राशि प्राप्त करने वाले जिलों में यह चौथे स्थान पर रहा। डॉ. मीणा ने यह भी बताया कि जिन जिलों को पूर्व वर्षों में प्रोत्साहन राशि मिल चुकी है, उन्हें इस वर्ष केवल प्रशस्ति पत्र ही प्रदान किया गया।