करौली जिले में "गौसम्मान आह्वान अभियान" के तहत विभिन्न स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन आयोजनों में गौमाता को राष्ट्रीय प्राणी घोषित करने और गौहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग उठाई गई। गौसेवकों ने करौली और सपोटरा सहित कई स्थानों पर शांतिपूर्ण ढंग से ज्ञापन सौंपे। सोमवार को सपोटरा में गौसंत वैष्णवदास महाराज के सानिध्य में बड़ी संख्या में गौभक्त एकत्रित हुए। उन्होंने उपखंड अधिकारी कार्यालय (एसडीएम) पहुंचकर प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति, मुख्यमंत्री और राज्यपाल के नाम ज्ञापन प्रस्तुत किए। ज्ञापन में गौमाता को राष्ट्रीय प्राणी का दर्जा देने और गौहत्या पर सख्ती से रोक लगाने की मांग प्रमुखता से रखी गई। तहसील प्रभारी प्रदीप शुक्ला ने बताया कि इस अभियान के तहत एक व्यापक हस्ताक्षर अभियान भी चलाया गया। इसमें लगभग 11 हजार लोगों ने गौसंरक्षण की मांग का समर्थन किया। इस दौरान तहसील उपप्रभारी नीरज शर्मा, गौ सेवा दल अध्यक्ष अंकित वैद्य, वंश गर्ग, गोलू सोलंकी, महावीर बाबूजी और लखन लाल मीना सहित कई कार्यकर्ताओं ने सक्रिय भूमिका निभाई। इसी क्रम में करौली मुख्यालय पर भी गौसेवकों ने तहसीलदार को राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। यहां भी शांतिपूर्ण तरीके से गौमाता को 'राष्ट्र माता' घोषित करने की मांग दोहराई गई। जिले भर में आयोजित इन कार्यक्रमों का उद्देश्य गौसंरक्षण के प्रति जन जागरूकता बढ़ाना और इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर व्यापक जनसमर्थन जुटाना था।