युवाओं में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति और उससे होने वाली मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए राजकीय महाविद्यालय खैरथल में ‘नई किरण नशा मुक्ति केंद्र’ कार्यक्रम के तहत नशामुक्ति एवं मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों की जानकारी देकर स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित किया। नशे से अवसाद और चिंता जैसी समस्याओं का खतरा राजीव गांधी राजकीय चिकित्सालय, अलवर के मनोचिकित्सक डॉ. नरेंद्र सुडोलिया ने कहा कि नशे की लत व्यक्ति के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को गंभीर रूप से प्रभावित करती है। इससे अवसाद, चिंता सहित कई मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। उन्होंने युवाओं से स्मैक, चरस, गांजा और एमडी जैसे नशीले पदार्थों से दूर रहने तथा इनकी बिक्री करने वालों से सावधान रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी किसी भी परेशानी में विशेषज्ञों की मदद लेने से संकोच नहीं करना चाहिए। छात्रवृत्ति और छात्रावास योजनाओं की जानकारी दी सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के छात्रावास अधीक्षक जयपाल सिंह ने विद्यार्थियों को विभाग की निःशुल्क छात्रावास सुविधाओं और विभिन्न छात्रवृत्ति योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों से सरकारी योजनाओं का लाभ उठाकर शिक्षा जारी रखने और अपने भविष्य को बेहतर बनाने का आह्वान किया। साथ ही सकारात्मक सोच अपनाने और नशे से दूर रहने की अपील की। नशामुक्त समाज के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. विजय वर्मा ने कहा कि युवाओं को नशे जैसी सामाजिक बुराई से बचाने के लिए जागरूकता और सामूहिक प्रयास जरूरी हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने साथियों को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करने और समाज में नशामुक्ति का संदेश फैलाने की अपील की। कार्यक्रम का संचालन डॉ. राजवीर सिंह मीणा ने किया। इस अवसर पर डॉ. महेश गोठवाल, डॉ. जाकिर हुसैन, डॉ. दीपक कुमार, डॉ. सरस्वती मीणा और डॉ. राहुल वर्मा सहित अन्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक कर उन्हें स्वस्थ, जिम्मेदार और नशामुक्त जीवन अपनाने के लिए प्रेरित करना रहा।