किशनगढ़बास में जाम, जलभराव और अतिक्रमण की बढ़ती समस्या पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए) ने कड़ा रुख अपनाया है। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के निर्देशों और जिला एवं सत्र न्यायाधीश तथा डीएलएसए अध्यक्ष शैलेंद्र व्यास के मार्गदर्शन में मंगलवार को सचिव अजीत कुड़ी ने किशनगढ़बास का व्यापक निरीक्षण किया। शहर के रास्तों का पैदल निरीक्षण किया निरीक्षण के दौरान सचिव अजीत कुड़ी ने तौप सर्कल, तिजारा रोड, अलवर रोड, खैरथल रोड और गंज रोड सहित प्रमुख बाजारों व मार्गों का पैदल भ्रमण किया। उन्होंने पाया कि कई स्थानों पर स्थायी और अस्थायी अतिक्रमण के कारण यातायात बाधित हो रहा है, जिससे लोगों को प्रतिदिन जाम का सामना करना पड़ रहा है। इन अतिक्रमणों के कारण बरसात में जल निकासी में बाधा आती है, जिससे सड़कों पर जलभराव की समस्या गंभीर हो जाती है। स्वेछा से अतिक्रमण हटाने की अपील अजीत कुड़ी ने मौके पर मौजूद अतिक्रमणकारियों से सीधे बात की और उनसे स्वेच्छा से अतिक्रमण हटाने की अपील की। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि निर्धारित समय में अतिक्रमण नहीं हटाया गया, तो संबंधित विभागों के सहयोग से नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि सार्वजनिक सड़कें, बाजार और फुटपाथ आमजन की सुविधा के लिए हैं और उन पर अवैध कब्जा स्वीकार्य नहीं होगा। निरीक्षण के दौरान, सचिव ने जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने, नालों और नालियों की नियमित सफाई, सार्वजनिक शौचालयों की स्वच्छता तथा क्षतिग्रस्त सड़कों की शीघ्र मरम्मत के निर्देश भी दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि मानसून के दौरान जलभराव से बचने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां समय रहते पूरी की जाएं। जलभराव की समस्याओं से मिलेगी राहत उन्होंने आमजन से भी सहयोग की अपील करते हुए कहा कि सार्वजनिक स्थानों पर अतिक्रमण न करें, स्वच्छता बनाए रखें और प्रशासन का सहयोग करें। इससे कस्बे को जाम, जलभराव और अव्यवस्था जैसी समस्याओं से राहत मिल सकेगी। सचिव ने विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनावश्यक देरी पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय से निर्धारित समय सीमा में लंबित कार्य पूरे करने के निर्देश दिए। साथ ही नियमित निगरानी और प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने को भी कहा। निरीक्षण के दौरान संबंधित विभागों के अधिकारी और नगर पालिका प्रशासन के प्रतिनिधि मौजूद रहे।