कोटा में मानसून की बारिश से पहले ही नगर निगम के दावों की पोल खुलती नजर आ रही है। हर साल की तरह इस बार भी नालों की सफाई समय पर पूरी नहीं हो सकी। इसका खमियाजा शहर की कई कॉलोनियों के लोगों को भुगतना पड़ सकता है। हालात ऐसे हैं कि कई इलाकों में बारिश का पानी घरों तक पहुंच जाता है और लोग हर साल की तरह जलभराव की आशंका से डरे हुए हैं। शहर की कॉलोनियों में जलभराव रोकने के लिए नालों की सफाई 15 जून तक पूरी हो जानी चाहिए थी। वहीं इस बार मानसून आने के बाद भी कई बड़े नालों की सफाई अधूरी है। नगर निगम ने मई में 13 नालों की सफाई के लिए करीब 80 लाख रुपए के टेंडर जारी किए थे। तकनीकी बिड के दौरान तीन में से दो फर्में अनुभव प्रमाण पत्र प्रस्तुत नहीं कर सकीं। इससे प्रक्रिया प्रभावित हुई और सफाई कार्य समय पर पूरा नहीं हो पाया। इन बस्तियों में भरता पानी कोटा की जवाहर नगर, कंसुआ, राजपूत कॉलोनी, प्रेम नगर, बोरखेड़ा और आसपास की कई बस्तियां हर बारिश में जलभराव की समस्या से जूझती हैं। कई जगह सड़कों पर इतना पानी भर जाता है कि लोगों को निकालने के लिए नाव तक चलानी पड़ती है। कई घरों में पानी घुसने से फर्नीचर, घरेलू सामान और जरूरी दस्तावेज तक खराब हो जाते हैं। लोग बोले- ओवरफ्लो का पानी घरों में आ जाता है राजपूत कॉलोनी निवासी छत्रपाल सिंह ने कहा- हमारी कॉलोनी के पीछे स्थित बड़े नाले में रानपुर, अनंतपुरा, प्रेम नगर और गोविंद नगर का पानी आता है। नाले की समय पर सफाई नहीं होने से लगातार बारिश के बाद वह ओवरफ्लो हो जाता है। पानी घरों में घुस जाता है। शिकायतों के बाद अब जेसीबी मशीन लगाई गई है, लेकिन काम बेहद धीमी गति से चल रहा है। स्थानीय निवासी मीना ने कहा- हर साल नाले की सफाई में लापरवाही के कारण कमर तक पानी भर जाता है और घर का पूरा सामान भीग जाता है। उनका कहना है कि जो काम जून में पूरा होना चाहिए था, वह जुलाई में शुरू हुआ है। 15 साल से हालात खराब स्थानीय निवासी रमा ने कहा- मानसून शुरू होने से पहले ही परिवार को सामान सुरक्षित स्थान पर रखना पड़ता है। अचानक पानी आने से बेड, दीवान और अन्य सामान खराब हो जाता है। स्थानीय निवासी नितिन के अनुसार- पिछले 15 साल से यही स्थिति बनी हुई है। यदि समय पर नालों की सफाई हो और अधूरी नाला दीवार का निर्माण पूरा कर दिया जाए तो कॉलोनी को जलभराव से काफी हद तक राहत मिल सकती है। निगम अफसर बोले- टेंडर प्रक्रिया पूरी, वर्कऑडर होगा जारी नगर निगम के हेल्थ ऑफिसर मोतीलाल ने बताया- नालों की सफाई के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। अब वर्कऑर्डर जारी होना बाकी है। उन्होंने कहा- वर्कऑर्डर मिलते ही सभी चिन्हित नालों की सफाई तेज गति से शुरू कर दी जाएगी। फिलहाल कंसुआ क्षेत्र के बड़े नाले में जेसीबी मशीन की मदद से सफाई का कार्य चल रहा है। जहां प्रतिदिन करीब चार डंपर मलबा और गाद निकालकर हटाई जा रही है।