कोटा में राष्ट्रीय दशहरा मेले की तैयारियां अब अपने अंतिम दौर में पहुंच चुकी है। कोटा में इस बार रावण के पुतले का कद और बजट दोनों घटाए गए हैं। दशहरा मेला ग्राउंड में 3डी तकनीक से 105 फीट ऊंचा रावण तैयार हो गया। इस बार रावण के पुतले को बनाने में 14 लाख रुपए का खर्चा भी कम आया है। पिछली बार करीगरों ने करीब चार महीने में विश्व का सबसे ऊंचा (221 फीट) 2D स्वरूप में रावण तैयार किया था, जो बारिश में भीगने के बाद दहन नहीं हो पाया था। इसे लेकर अबकी बार रावण के पुतले का कद घटाया गया है। कोटा के ऐतिहासिक मेला ग्राउंड में झूले लगने शुरू हो गए हैं और चारों ओर रौनक छाने लगी है। तरह-तरह की दुकानें सजने लगी हैं और व्यापारियों ने अपना सामान सजाना शुरू कर दिया है। विजयादशमी यानी 20 अक्टूबर से कोटा का प्रसिद्ध दशहरा मेला पूरी तरह परवान पर चढ़ेगा। इस बार मेले को लेकर प्रशासनिक तैयारियां लगभग पूरी कर ली गई हैं। अबकी बार 3डी अवतार में तैयार किया रावण का पुतला पिछली बार 2D स्वरूप में तैयार किया गया रावण का पुतला बारिश की वजह से भीग गया था और सही तरीके से दहन नहीं हो पाया था। इस बार पिछली गलती से सबक लेते हुए रावण को 3डी अवतार में तैयार किया गया है। रावण का काम भी लगभग पूरा हो चुका है और संभवत: शनिवार को उसे दशहरा मैदान में खड़ा करना शुरू किया जाएगा। मजबूत बांस की फ्रेमिंग के साथ खड़ा होने वाला यह रावण मेला मैदान में दर्शकों को अपनी विशाल तलवार घुमाता और सिर हिलाता हुआ नजर आएगा। इस बार कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों की ऊंचाई बढ़ाकर 70-70 फीट कर दी गई है, जो पहले 50-50 फीट हुआ करती थी। रावण के पुतले का घटाया कद पिछली बार बारिश से हुए नुकसान और अव्यवस्थाओं से सबक लेते हुए इस बार रिकॉर्ड बनाने के बजाय व्यावहारिकता और तकनीकी सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई है। रावण के पुतले का कद घटाकर 101 से 105 फीट किया गया है, जिससे इसके निर्माण बजट में 14 लाख रुपए की कटौती हुई है। दहन के समय बारिश आ भी जाती है, तो पुतला आसानी से जल सके, इसके लिए पुतले पर मखमली और विशेष कपड़े का आवरण चढ़ाया जा रहा है। मेला मैदान में 125 टन क्षमता वाली विशाल क्रेन की मदद से पुतले को खड़ा करने की प्रक्रिया होगी। नगर निगम की ओर से होगी भव्य आतिशबाजी बजट में कटौती के बावजूद लाखों दर्शकों के उत्साह और रोमांच में कोई कमी न रहे, इसके लिए नगर निगम ने आतिशबाजी का दायरा और भव्यता पहले से कई गुना बढ़ा दी है। मेले में सुरक्षा व्यवस्था, दुकानों के आवंटन और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की रूपरेखा को भी अंतिम रूप दिया जा चुका है। 20 तारीख से कोटावासी और दूर-दराज से आने वाले पर्यटक दशहरा मेले के भव्य रंगों और आकर्षण का आनंद ले सकेंगे। ----------- ये खबर भी पढ़ें… कोटा में विश्व का सबसे ऊंचा रावण तैयार:एशिया बुक और इंडिया बुक ऑफ रिकॉड्‌र्स में दर्ज होगा नाम; 44 लाख रुपए की लागत कोटा का 132वां राष्ट्रीय दशहरा मेला 2025 इतिहास रचने के लिए तैयार है। इस बार मेले में रावण दहन का नजारा पूरे देश ही नहीं, बल्कि दुनिया के लिए आकर्षण का केंद्र बनने वाला है। करीब चार महीने में कारीगरों ने विश्व का सबसे ऊंचा (221 फीट) रावण तैयार किया है। (पूरी खबर पढ़ें…)