कोटा में राष्ट्रीय दशहरा मेले की तैयारियां अब अपने अंतिम दौर में पहुंच चुकी है। रावण अपने कुनबे के साथ दशहरा मैदान में आ चुका है। हालांकि खड़ा करते समय क्रेन की चेन की रगड़ से रावण का सीना कुछ फीट फट गया। एक आंख भी चोटिल हो गई, जिसे कारीगर ठीक करने में जुटे है। नगर निगम XEN ए क्यू कुरैशी ने बताया कि शुक्रवार रात 11 बजे से टीमें लगी थी। 60-60 टन व 125 टन वजनी क्रेन की मदद से रावण के कुनबे को खड़ा किया गया हैं। सुबह साढ़े 7 बजे तक तीनों पुतलों को दशहरा मेला ग्राउंड पर खड़ा किया। साढ़े 8 घंटे तक 70 लेबर -कारीगर लगे रहे। खड़ा करते समय क्रेन की चेन की रगड़ से रावण के पुतले का कुछ हिस्सा डैमेज हुआ हैं। जिसे कारीगर ठीक करने में लगे हैं 3 डी तकनीक से रावण का पुतला तैयार बता दें कि कोटा में इस बार रावण के पुतले का कद और बजट दोनों घटाए गए हैं। दशहरा मेला ग्राउंड में 3डी तकनीक से करीब 101 फीट ऊंचा रावण तैयार हुआ हैं इस बार रावण के पुतले को बनाने में 14 लाख रुपए का खर्चा भी कम आया है। मजबूत बांस की फ्रेमिंग के साथ खड़ा होने वाला यह रावण मेला मैदान में दर्शकों को अपनी विशाल तलवार घुमाता और सिर हिलाता हुआ नजर आएगा। इस बार कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों की ऊंचाई बढ़ाकर 70-70 फीट कर दी गई है, जो पहले 50-50 फीट हुआ करती थी। पिछली बार करीगरों ने करीब चार महीने में विश्व का सबसे ऊंचा (221 फीट) 2D स्वरूप में रावण तैयार किया था, जो बारिश में भीगने के बाद दहन नहीं हो पाया था। इसे लेकर अबकी बार रावण के पुतले का कद घटाया गया है।