कोटा के मेडिकल कॉलेज और उससे जुड़े हॉस्पिटलों में इमरजेंसी सेवाओं को ज्यादा प्रभावी, पारदर्शी बनाने के लिए व्यापक सुधार लागू किए गए हैं। नई व्यवस्था के तहत हॉस्पिटल में 24 घंटे रिसीविंग और ट्रॉलीमैन की तैनाती रहेगी। इससे इमरजेंसी में आए मरीजों को तुरंत इलाज मिलेगा। लैबकर्मी वार्ड में जाकर ही मरीजों का सैंपल लेंगे और रिपोर्ट देंगे। इसके अलावा हॉस्पिटल अधीक्षकों को निर्देश दिए गए हैं कि आवश्यक दवाओं का कम से कम तीन महीने का स्टॉक रखा जाए। किसी दवा की कमी होती है तो उसकी व्यवस्था तत्काल की जाएगी। खास बात यह है कि किसी भी भर्ती मरीज को अब बाहर से दवा लाने के लिए नहीं कहा जाएगा। इमरजेंसी मरीजों के लिए 24 घंटे रिसीविंग और ट्रॉलीमैन की तैनाती मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल डॉ. निलेश कुमार जैन ने बताया कि 24 घंटे रिसीविंग और ट्रॉलीमैन की तैनाती से इमरजेंसी में आए मरीजों को बिना देरी संबंधित डॉक्टर तक पहुंचाया जाएगा। इससे इमरजेंसी में समय की बर्बादी कम होगी और इलाज तेजी से शुरू हो सकेगा। सभी डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ और ट्रॉलीमैन को ड्यूटी के दौरान यूनिफॉर्म और आईडी कार्ड पहनना अनिवार्य किया गया है। इसका उद्देश्य मरीजों और उनके परिजनों को सही कर्मचारी की पहचान सुनिश्चित कराना है। मरीजों के वार्ड में जाकर सैंपल लेंगे लैबकर्मी अब भर्ती मरीजों को अलग से जांच पर्ची नहीं दी जाएगी। भर्ती टिकट के जरिए ही सैंपल कलेक्शन और जांच की प्रक्रिया पूरी होगी। लैबकर्मी वार्ड में जाकर सैंपल लेंगे और रिपोर्ट भी वहीं उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे मरीजों को इधर-उधर नहीं जाना पड़ेगा। इमरजेंसी वार्ड में भर्ती मरीजों को 24 घंटे से ज्यादा नहीं रखा जाएगा। ड्यूटी पर मौजूद सीएमओ यह तय करेंगे कि मरीज को किस वार्ड में शिफ्ट करना है। साथ ही, शिफ्ट बदलने के दौरान मरीज की पूरी जानकारी अगले सीएमओ को देना अनिवार्य किया गया है। डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ को मरीजों के साथ विनम्र और संवेदनशील व्यवहार रखने के निर्देश दिए गए हैं। मरीज और उनके परिजनों को बीमारी और इलाज से जुड़ी पूरी जानकारी देना भी अनिवार्य होगा। किसी भी शिकायत की स्थिति में तुरंत समाधान सुनिश्चित किया जाएगा। डिस्प्ले बोर्ड पर डॉक्टरों की जानकारी आउटडोर में मरीज देखने वाले डॉक्टरों को अपने नाम स्पष्ट रूप से लिखने होंगे। वहीं इमरजेंसी वार्ड में ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टरों और सीएमओ के नाम व मोबाइल नंबर डिस्प्ले बोर्ड पर प्रदर्शित किए जाएंगे, ताकि जरूरत पड़ने पर संपर्क आसान हो। आपातकालीन सेवाओं की मॉनिटरिंग के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की नियुक्ति की गई है। उनके ओर से समय-समय पर औचक निरीक्षण भी किए जाएंगे, जिससे व्यवस्था में किसी प्रकार की लापरवाही न हो।