कोटा के जेके लोन हॉस्पिटल में सिजेरियन डिलीवरी के बाद प्रसूता की मौत हो गई। प्रसूता शबनम बानो (26) का शुक्रवार 23 अक्टूबर को ऑपरेशन हुआ था। डिलीवरी के बाद ब्लड प्रेशर लो हो गया था। ड्रिप चढ़ाने के बाद उसकी तबीयत बिगड़ी थी। शनिवार रात शबनम ने दम तोड़ दिया। परिजनों ने डॉक्टर्स समेत हॉस्पिटल स्टाफ पर लापरवाही का आरोप लगाया है। प्रसूता बारां जिले की रहने वाली थी। मृतक के भाई सरफराज ने बताया कि उन्होंने अपनी बहन को 22 अक्टूबर को बारां के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया था। शबनम प्रेग्नेंट थी और उसकी डिलीवरी होनी थी। बारां में डॉक्टर ने 23 अक्टूबर को ऑपरेशन करने की कहकर रात से ही खाना-पीना बंद करवा दिया। 23 अक्टूबर को करीब 12 घंटे बीत जाने के बाद भी ऑपरेशन नहीं किया। उसे सही इलाज भी नहीं मिला। इसके बाद शबनम को कमजोरी महसूस होने लगी। सरफराज ने बताया कि बारां में 23 अक्टूबर को शाम करीब 7 बजे शबनम को आरएल 500 ड्रिप चढ़ाई गई। ड्रिप चढ़ाने के कुछ ही देर में उसे दौरे आने शुरू हो गए। हालत बिगड़ने पर उसे तुरंत कोटा के जेके लोन अस्पताल रेफर कर दिया गया। नवजात बच्ची सुरक्षित, मां ने तोड़ा दम शुक्रवार 23 अक्टूबर को परिजन शबनम को कोटा के जेके लोन अस्पताल लेकर आए। रात करीब 11.30 बजे सिजेरियन ऑपरेशन के जरिए उसने एक स्वस्थ बच्ची को जन्म दिया। डिलीवरी के दौरान शबनम का ब्लड प्रेशर कम हो गया था। ब्लड प्रेशर ज्यादा लो होने के कारण उसकी मौत हो गई। 9 दिन में तीन की मौत इससे पहले 16 अक्टूबर को सीजेरियन के बाद किडनी फेल होने से रेशमा (40) की मौत हो गई थी। इसके एक दिन बाद 17 अक्टूबर को सीजेरियन के बाद ज्यादा ब्लीडिंग होने से रोशन बैरवा की मौत हो गई थी। -------- ये खबर भी पढ़िए… ड्रिप चढ़ाने के बाद नीला पड़ने लगा शरीर:सीजेरियन के बाद महिला की मौत का मामला, परिजन बोले, स्टाफ ने कहा हमारी जिम्मेदारी नहीं कोटा के मेडिकल कॉलेज के नए अस्पताल में सीजेरियन ऑपरेशन के बाद एक बार फिर महिला की मौत हो गई। परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों का कहना है कि ड्रिप चढ़ाने के बाद मृतका का शरीर नीला-पीला पड़ने लग गया था। कहने के बाद भी हॉस्पिटल स्टाफ ने काफी देर तक मृतका को नहीं संभाला, जिससे उसकी मौत हो गई। (पढ़िए पूरी खबर) --------- कोटा में 24 घंटे में एक और प्रसूता की मौत:सिजेरियन डिलीवरी के बाद 11 घंटे होती रही ब्लीडिंग, डॉक्टर बोले-हाई रिस्क पेशेंट थी कोटा में 24 घंटे में एक और प्रसूता की मौत हो गई। रोशन बैरवा की शुक्रवार रात 12 बजे न्यू मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में सिजेरियन डिलीवरी हुई थी। इसके बाद 11 घंटे तक ब्लीडिंग नहीं रुकी। डॉक्टरों का कहना है कि खून ज्यादा बहने से शनिवार सुबह 11.30 बजे रोशन बैरवा की मौत हो गईं। इससे पहले डिलीवरी के बाद किडनी फेल हो जाने से शुक्रवार को रेशमा (40) की मौत हो गई थी। (पढ़िए पूरी खबर)