कोटा मेडिकल कॉलेज के जेके लोन अस्पताल से एसएसबी में रेफर हुई पिंकी महावर की मौत के बाद परिजनों ने पोस्टमॉर्टम कराने से इनकार कर दिया। पिंकी को रविवार रात जेके लोन से मेडिकल कॉलेज के न्यू हॉस्पिटल में सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक (SSB) में रेफर किया गया था। पिंकी के परिजन सोमवार को शव का पोस्टमॉर्टम करवाने से इनकार करते हुए SSB ब्लॉक के सामने नवजात को लेकर धरने पर बैठ गए। परिजनों ने कहा- जब तक पिंकी की इस हालत के सही कारण सामने नहीं आते। लापरवाही करने वालों पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक बॉडी नहीं लेंगे। परिजनों का धरना देर शाम तक चल रहा है। वहीं परिजनों के साथ कांग्रेस कार्यकर्ता भी शामिल हुए। इस दौरान परिजनों को धरने से उठाने के लिए मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल शाम को पुलिस के साथ पहुंचे। डीएसपी रूद्रप्रकाश ने लोगों को वहां से धरना खत्म करने के लिए कहा तो लोग उग्र हो गए। परिजनों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं की डीएसपी रूद्रप्रकाश से कहासुनी हो गई। कांग्रेस शहर जिला अध्यक्ष ने धरना खत्म करने से मना कर दिया। उन्होंने कहा- जब तक कलेक्टर यहां नहीं आएंगे, तब तक धरना खत्म नहीं होगा। उधर, इससे पहले दोपहर को एसएसबी के नेफ्रो आईसीयू में भर्ती दो महिलाओं में रिकवरी के बाद आईसीयू से वार्ड में शिफ्ट किया गया है। वहीं कोटा के नए अस्पताल और जेके लोन अस्पताल में महिलाओं की सीजेरियन डिलीवरी के बाद किडनी फेल्योर और चार मौतों के मामले में अभी तक निष्कर्ष नहीं निकला है। अभी तक जांच में ये पता नहीं चल सका कि महिलाओं की ये स्थिति क्यों हुई। पहले देखें धरने की PHOTOS कांग्रेस शहर जिलाध्यक्ष ने की मजिस्ट्रेट जांच की मांग जानकारी मिलने पर कांग्रेस शहर जिलाध्यक्ष राखी गौतम मौके पर पहुंची और धरने पर बैठ गई। इस दौरान पिंकी की नवजात बच्ची भी घरवालों के पास ही थी। इस पर राखी गौतम ने बच्ची को लिया और उसे सुलाने की कोशिश करती रही। राखी गौतम ने कहा- जब तक कारण पता नहीं लगता, हम धरने पर बैठे रहेंगे। सरकार इतनी मौत और लगातार सामने आ रहे मामलों के बाद भी नींद में है। उन्होंने कहा- इन सबके पीछे दवाओं का खेल है। चिकित्सा मंत्री को यहां आकर मरीजों का हाल देखने की फुर्सत नहीं है। अस्पताल में जिम्मेदार लापरवाही बरत रहे हैं। उन्होंने मामले की मजिस्ट्रेट जांच की भी मांग की। दो महिलाओं को आईसीयू से वार्ड में किया शिफ्ट SSB के नेफ्रो आईसीयू में भर्ती दो महिलाओं में रिकवरी देखने को मिली। हालांकि इनमें से एक को डायलिसिस की जरूरत है, लेकिन अभी रिकवरी करने लगी है। मेडिकल कॉलेज प्रिसिंपल डॉ.नीलेश जैन ने बताया- अस्पताल में भर्ती चंद्रकला और सुशीला की हालत अब ठीक है। ऐसे में दोनों को आईसीयू से वार्ड में शिफ्ट किया है। इनमें चंद्रकला जल्दी रिकवर हो रही है। यूरिन शुरू हो गया है। वहीं सुशीला ने खाना लेना शुरू कर दिया है। हालांकि उसे अभी डायलिसिस की जरूरत पडे़गी। डॉ. जैन ने कहा- धन्नी बाई को वेंटिलेटर पर लिया गया था, लेकिन अब उसका वेंटिलेटर भी हटा लिया गया है। अभी उसे खतरे से बाहर नहीं कहा जा सकता है। वहीं रागिनी की हालत स्थिर है। उसे भी डायलिसिस की जरूरत पड़ रही है। जेके लोन की दोनों पेशेंट क्रिटिकल स्थिति में जेके लोन से एसएसबी ब्लॉक में रेफर होकर आई आरती और पिंकी बेरवाल की स्थिति अभी भी गंभीर है। दोनों को वेंटिलेटर पर रखा गया है। इसके अलावा जेके लोन अस्पताल के आईसीयू में ही दो और महिलाएं भर्ती हैं, जिनमें ऐसे ही लक्षण हैं। उनकी स्थिति में भी सुधार है। डॉ. नीलेश जैन ने कहा- जेके लोन अस्पताल में जो मामले आए थे। उनमें दो महिलाएं पिंकी और प्रिया पहले ही हाई रिस्क पर थी। उनमें नए अस्पताल के पेशेंट के लक्षणों जैसे थे, लेकिन दोनों ही अस्पतालों के मामलों को एक जैसा नहीं मान सकते। उन्होंने बताया कि अभी जयपुर से भी टीम आई हुई है, जो मरीजों को दिए जा रहे इलाज के बारे में जानकारी ले रही है। मामले की जांच भी कर रही है। स्थानीय टीम भी कोशिश कर रही है कि कारण जल्द से जल्द पता कर सकें। ताकि उसमें सुधार कर लिया जाए और ऐसे मामले फिर सामने न आएं। कोटा से जुड़ी ये खबरें भी पढ़िए… कोटा में सीजेरियन डिलीवरी के बाद एक और मौत:2 की किडनी फेल, रातभर रोती रही मरीज; प्रिंसिपल के पोस्टर पर काला रंग पोता कोटा में जेके लोन हॉस्पिटल में भी सीजेरियन डिलीवरी के बाद एक महिला की मौत हो गई है। वहीं 2 महिलाओं की किडनी फेल हो गई है। इधर, मेडिकल कॉलेज के बाहर रविवार को कोटा देहात कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। पढ़ें पूरी खबर कोटा में दो महिलाओं की मौत, डॉक्टर बर्खास्त, 3 सस्पेंड:सीजेरियन डिलीवरी के बाद 8 की तबीयत बिगड़ी थी; 2 और मरीजों की किडनी फेल कोटा के न्यू मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में भर्ती 2 और महिलाओं की तबीयत बिगड़ गई। किडनी फेल होने पर उन्हें प्राइवेट हॉस्पिटल में शिफ्ट किया गया है। इससे पहले सीजेरियन डिलीवरी के बाद 2 महिलाओं की मौत हो चुकी है। पढ़ें पूरी खबर अस्पताल ने छीनी गोद, पाउडर दूध पर जिंदा नवजात, कोटा के सरकारी हॉस्पिटल में मौतों से परिवार उजड़े कहीं तीन दिन का नवजात मां की गोद के बिना तड़प रहा है, तो कहीं मासूम बेटियां दरवाजे की तरफ टकटकी लगाए बैठी हैं कि शायद मम्मी अब घर लौट आएंगी। पढ़ें पूरी खबर...