कोटा में रामगंजमंडी थाना पुलिस ने अंतर्राज्यीय 'लुटेरी दुल्हन' गिरोह के 8 सदस्यों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह राजस्थान, मध्य प्रदेश, झारखंड और बिहार तक फैला हुआ था और अविवाहित एवं उम्रदराज युवकों को शादी का झांसा देकर ठगी का शिकार बनाता था। मामले का खुलासा दो अलग-अलग शिकायतों के बाद हुआ। पहली शिकायत 13 जुलाई को सांडपुरा निवासी दिनेश कुमार और दूसरी 16 जुलाई को हिरियाखेड़ी निवासी दिलीप सिंह ने दर्ज कराई थी। दोनों मामलों में आरोपियों ने नकली शादी करवाकर लाखों रुपए हड़प लिए थे। पुलिस जांच में सामने आया कि गिरोह के सदस्य दलालों के माध्यम से ऐसे युवकों को तलाशते थे, जिनकी शादी नहीं हो पा रही हो। इसके बाद उन्हें झारखंड और अन्य राज्यों की युवतियों से शादी कराने का लालच दिया जाता था। शादी के नाम पर एक से 2 लाख रुपए लिए जाते थे। जिन महिलाओं की शादी कराई जाती थी, वे पहले से विवाहित होती थीं। शादी के एक-दो दिन बाद वे माता-पिता की बीमारी का बहाना बनाकर फरार हो जाती थीं। जांच में यह भी सामने आया है कि गिरोह ने झालावाड़, असनावर, अकलेरा, बूंदी और मध्य प्रदेश के मोड़ी हरिपुरा समेत कई स्थानों पर इसी तरह की वारदातों को अंजाम दिया। अलग-अलग मामलों में एक लाख से डेढ़ लाख रुपए तक की ठगी की गई। पुलिस एसपी सुजीत शंकर ने बताया- टीम ने कार्रवाई करते हुए गिरोह के आठ सदस्यों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों से पूछताछ जारी है और पुलिस को आशंका है कि गिरोह ने कई अन्य राज्यों में भी इसी तरह की वारदातों को अंजाम दिया है। फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क की पड़ताल में जुटी हुई है।